
वॉशिंगटनः फ्रांस की एक युवती शाम को कनाडा के तट पर जॉगिंग के लिए निकली लेकिन अनजाने में सीमा पार अमरीका पहुंच गई जिसकी वजह से उसे अमरीका में प्रवासियों के लिए बनाए गए हिरासत केंद्र में 2 हफ्ते गुज़ारने पड़ गए। सेडेला रोमन (19) अपनी मां से मिलने ब्रिटिश कोलंबिया गई थीं। 21 मई की शाम वह तट पर दौड़ लगाने के लिए निकलीं। यह तट कनाडा और अमरीका की सीमा को जोड़ता है। सेडेला रोमन ने कनाडा के मीडिया को बताया कि वह कुछ दूरी तक गंदे से रास्ते पर चली गई थीं और लौटते समय समुद्री लहरों की एक तस्वीर भी ली।
इसी दौरान तट पर तैनात अमरीकी बॉर्डर पुलिस के दो पुलिसकर्मी वहां आए, उन्होंने सेडेला से पूछताछ की और फिर उन्हें वॉशिंगटन के ब्लेन इलाके में घुस जाने के आरोप में गिरफ़्तार कर लिया। सेडेला को लगा कि उन्हें सिर्फ चेतावनी देकर छोड़ दिया जाएगा या फिर ज़्यादा से ज़्यादा जुर्माना लगाया जाएगा। लेकिन अमरीकी पुलिस अफ़सर सेडेला को 220 किलोमीटर से भी ज़्यादा दूर दक्षिण में स्थित टैकोमा नॉर्थवेस्ट बंदीगृह ले गए जहां प्रवासियों के लिए बना बंदीगृह चलाया जाता है।
सेडेला को स्थिति की गंभीरता का अहसास तब हुआ जब उन्हें मालूम चला कि उनके पास अपनी पहचान साबित करने के लिए कोई पहचान पत्र नहीं है और महज एक जोड़ी कपड़े हैं जो उन्होंने पहने हुए थे।सेडेला ने बता कि उन्हें एक कमरे में ले जाया गया, जहां पहले से 100 लोग मौजूद थे।सेडेला ने बताया हमेशाकि उन्हें हमेशा कमरे में बंद रखा जाता था। वहीं आंगन में कंटीले तार पड़े हुए थे जहां कुत्ते भी रहते थे। बंदी गृह में सभी एक दूसरे की मदद करने की कोशिश करते थे। वहां अफ़्रीका और कई दूसरी जगहों के लोग बंद किए गए थे। ये लोग सीमा पार करने की कोशिशों के चलते बंदी बना लिए गए थे।सेडेला के अनुसार इन सभी लोगों को देखकर, उनसे मिलकर उसके अनुभव को एक नया नज़रिया मिला।
सेडेला को अपनी मां क्रिस्टियन फ़र्ने से संपर्क करने की इजाज़त मिल गई, जिसके बाद उनकी मां उनका पासपोर्ट और वर्क परमिट लेकर वॉशिंगटन के बंदीगृह पहुंचीं।हालांकि अमरीकी अधिकारी उन्हें तब तक रिहा करने के लिए तैयार नहीं हुए, जब तक कनाडा के आव्रजन अधिकारियों ने सेडेला को वापस आने की इजाज़त देने की पुष्टि नहीं की । दोनों देश अंत में तैयार हुए और सेडेला 15 दिन बाद वापस कनाडा लौट सकीं।
IndianZ Xpress NZ's first and only Hindi news website