
वॉशिंगटन: अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने आज कहा कि अंतरिक्षयात्रियों को पृथ्वी की कक्षा के बाहर और अंतत: मंगल तक पहुंचाने के लिए विकसित आेरियन डीप-स्पेस कैप्सूल के पहले दो मिशनों में देरी की संभावना है।
नासा के इंसपेक्टर जनरल के कार्यालय की रिपोर्ट में इस संबंध में तकनीकी और बजट संबंधी चुनौतियों का हवाला दिया गया है। स्पेस लांच सिस्टम या एसएलएस से आेरियन अंतरिक्षयान का पहला प्रक्षेपण फिलहाल नवंबर 2018 में होना प्रस्तावित है। एसएलएस उड़ान भरने के बाद दुनिया का सबसे शक्तिशाली रॉकेट बन जाएगा। अंतरिक्षयात्रियों को लेकर दूसरा मिशन अगस्त 2021 तक भेजे जाने की संभावना है।
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