
डोनाल्ड ट्रंप ने दो दिन पहले कहा था कि ईरान में प्रदर्शनकारियों की मदद के लिए ‘मदद निकल चुकी है।’ वहीं ईरान के निर्वासित नेता रेजा पहलवी से रिपब्लिकन पार्टी के सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने मुलाकात की है और कहा है कि ‘मदद निकल चुकी है।’ और इन सबके बीच अब रिपोर्ट आ रही है कि अमेरिका ने मिडिल ईस्ट की तरफ एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन का बेड़ा भेज दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप (ABECSG) को एशिया से मिडिल ईस्ट की तरफ भेजा गया है और वो रास्ते में है। CNO कॉडल ने SNA में रिपोर्टर्स से कहा है कि “नौसेना दो हफ्ते में कहीं भी हो सकती है।”
द वॉर जोन वायर के रिपोर्टर हॉवर्ड अल्टमैन ने कहा है कि “आपात स्थितियों या यहां तक कि आक्रामक ऑपरेशन्स से निपटने के लिए एक एयरक्राफ्ट कैरियर जरूरी नहीं है।” एक CSG को INDOPACOM से CENTCOM में फिर से तैनात करने में 1-3 हफ्ते लगेंगे और अमेरिकी सेना के पास पहले से ही इस क्षेत्र (और CONUS) में काफी संसाधन हैं जो ईरान पर हमला करने में सक्षम हैं। अमेरिका के डिफेंस पत्रकारों ने बताया है कि पिछले 48 घंटों में, USS थियोडोर रूजवेल्ट और USS जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश क्रमशः सैन डिएगो और नॉरफॉक से रवाना हुए हैं। दोनों रास्ते में हैं और ये दोनों रूटीन ट्रेनिंग से या चुपचाप तैनाती के लिए निकल सकते हैं। अमेरिकी पत्रकारों ने कहा है कि दोनों में से किसी भी कैरियर ने COMPTUEX पूरा नहीं किया है, जिसका मतलब है कि पनडुब्बियों, अलग अलग युद्धपोतों के साथ अभ्यास नहीं किया है, लेकिन, जैसा कि हमने हाल ही में देखा है, वो ट्रेनिंग छोड़कर तेजी से आगे बढ़ेंगे।
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