Saturday , April 20 2024 6:40 PM
Home / News / India / ये हैं INDIA के वाॅरेन बफेट, करेंगे 5000 करोड़ रुपए का दान

ये हैं INDIA के वाॅरेन बफेट, करेंगे 5000 करोड़ रुपए का दान

8
भारतीय बाजार के वॉरेन बफेट कहे जाने वाले निवेशक राकेश झुनझुनवाला ने 5,000 करोड़ रुपए के दान की घोषणा की है। बिग बुल झुनझुनवाला को जॉन रॉकफेलर के बयान से इसकी प्रेरणा मिली।

राकेश ने घोषणा की है कि कई कंपनियों में बंटी अपनी जायदाद को एक दिन वे बेच देंगे। 5,000 रुपए की छोटी सी रकम से 14,940 करोड़ रुपए की मिल्कियत के मालिक बनने की राकेश की कहानी बेहद दिलचस्प है।

वे मार्केट को भांपने में माहिर कहे जाते हैं। करीब तीन दशक की शेयर ट्रेडिंग में उन्होंने इसे बार बार साबित किया है।
जन्म: 5 जुलाई 1960
मुंबई से चार्टर्ड अकाउंटेंट की पढ़ाई। पिता इनकम टैक्स ऑफिसर रहे। परिवार में पत्नी रेखा और तीन बच्चे।
– 59 करोड़ रु. प्रति सप्ताह की कमाई की है राकेश ने बीते एक साल में।
– 15 हजार करोड़ की कुल संपत्ति हैं राकेश की। 30 से ज्यादा कंपनियों में निवेश।
1985 में पांच हजार रुपए की शुरुआती पूंजी से शेयर कारोबार में दाखिल होने वाले राकेश ने सबसे पहला शेयर टाटा-टी खरीदा था। उन्होंने 1986 में इससे पांच लाख रुपए का मुनाफा कमाया। फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा है। फिलहाल सभी कंपनियों में निवेश के साथ उनकी कुल संपत्ति 220 करोड़ डॉलर (करीब 14,940 करोड़ रुपए) है।
राकेश एप्टेक लिमिटेड और हंगामा डिजिटल जैसी कंपनियों के चेयरमैन हैं। इसके अलावा 30 से ज्यादा कंपनियों में उनकी बड़ी हिस्सेदारी है। उनकी अपनी फर्म रेयर इंटरप्राइजेज के तहत वे अन्य लोगों के निवेश का प्रबंधन करते हैं। उन्होंने इसी साल एक फिल्म की एंड का का निर्माण भी किया है।
राकेश के चार मंत्र
निवेश व्यापार में, कंपनी में नहीं
राकेश कंपनी से ज्यादा कारोबार पर फोकस करते हैं। कंपनी किस कारोबार में है और उसका भविष्य क्या है, इसके आधार पर वे निवेश करते हैं।
लाभ बढ़ाएं, नुकसान घटाएं
वे हर वक्त मुनाफे के बजाय नुकसान कम करने पर ज्यादा ध्यान देते हैं। शेयर के चरम तक उसमें निवेश बनाए रखने की रणनीति अपनाते हैं।
स्वतंत्र राय, सही जानकारी की परख
खुद जांच व शोध में विश्वास। जैसे 1990 के दशक में लोग आईटी शेयरों के पीछे भाग रहे थे तब पीएसयू में निवेश किया। नतीजतन ‘डॉट कॉम’ बाजार गिरने पर भी वे लाभ कमा रहे थे।
मौके का भरपूर दोहन
राकेश शेयर खरीद में जल्दबाजी के पक्षधर नहीं हैं। वे सही वक्त का इंतजार करते हैं और कम कीमत पर ज्यादा शेयर खरीदने का मौका तलाशते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *