
मेलबोर्न। ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क का कहना है कि अगर ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट खिलाडिय़ों ने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) की ओर से पेश किए गए मध्यस्थता प्रस्ताव को ठुकराया, तो ये उनकी मूर्खता होगी।
उल्लेखनीय है कि सीए ने पिछले गुरुवार को इसका प्रस्ताव दिया था और इसमें रोलओवर अनुबंध की प्रतिबद्धता के साथ-साथ अगस्त में बांग्लादेश, सितंबर तथा अक्टूबर में भारत दौरे का आश्वासन था। इस प्रस्ताव पर हालांकि, ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर संघ (एसीए) की सहमति नहीं मिली है, क्योंकि इससे भुगतान विवाद के समाधान में देरी की संभावना है।
एसीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एलिस्टर निकोलसन ने कहा कि वे बोर्ड के साथ वार्ता जारी रखना पसंद करेंगे, लेकिन मध्यस्थता प्रस्ताव पर अंतिम फैसला अगले सप्ताह तक लिया जाएगा। इस पर हालांकि, क्लार्क का मानना है कि खिलाडिय़ों को इस प्रस्ताव के बारे में सोचना चाहिए।
क्लार्क ने कहा, एक पूर्व खिलाड़ी के तौर पर मैं यह कहना चाहता हूं कि अगर सोमवार तक हल नहीं निकलता है, तो खिलाडिय़ों को इस मध्यस्थता प्रस्ताव को स्वीकार कर लेना चाहिए, क्योंकि इस विवाद को हमें अंतिम रूप देने की जरूरत है।
उन्होंने कहा, मेरा मानना है कि एसीए को निश्चित तौर पर मध्यस्तता का प्रस्ताव स्वीकार करना चाहिए और अगर वो ऐसा नहीं करता है, तो ये उसकी मूर्खता होगी। खिलाड़ी इसके लिए ना नहीं कह सकते, क्योंकि उन्हें खेलना है। अगर उन्हें खेलना है, तो इसके लिए उन्हें हामी भरनी होगी।
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