
लंदन: आज तक आप ने आंखें, दिल व गुर्दे आदि शारीरिक अंग दान करने वाले लोगों के बारे में तो सुना होगा लेकिन एक शख्स की स्पर्म डोनेट करने की इच्छा ने उससे ऐसा काम करवाया जिसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते। ये शख्स चाहता था कि वो ज्यादा से ज्यादा महिलाओं तक अपना स्पर्म पहुंचा सके। ऐसी महिलाएं जो मां नहीं बन पाईं और डोनर के जरिए मां बनना चाहती हैं। इसके लिए इस शख्स ने अपनी फेसबुक प्रोफाइल का इस्तेमाल किया और अवैध रूप से स्पर्म डोनेट कर 22 बच्चों का पिता बन गया।
ये मामला ब्रिटेन का है। इस शख्स ने अवैध रूप से स्पर्म डोनेट करने का कारण बताते हुए कहा कि लीगल तौर पर स्पर्म डोनेट करने में बहुत सी परेशानियां थीं। क्लीनिक की औपचारिकताओं के साथ-साथ ब्रिटेन का कानून उसे रोक रहा था। ब्रिटेन के कानून के मुताबिक डोनेट किए हुए स्पर्म से पैदा हुए बच्चे को उसके डोनर पिता के बारे में बताना पड़ता है। बच्चे के 18 साल के होते ही उसे ये बताना होता है। हालांकि, ये शख्स ऐसा नहीं चाहता था।
अंग्रेजी अखबार को दिए इंटरव्यू में इस शख्स ने कहा, ये 2013 की बात है। मुझे अचानक स्पर्म डोनेट करने की इच्छा हुई। मैं महिलाओं की मदद करना चाहता था। मैंने इसके लिए फेसबुक का सहारा लिया। 2013 में मैंने पहली बार स्पर्म डोनेट किया और अबतक 50 महिलाओं को डोनेट कर चुका हूं। ऐसा नहीं है कि महिलाएं मेरे पास आखिर में आईं। लोगों ने मुझे सबसे पहले भी तवज्जो दी क्योंकि कई लोग स्पर्म डोनेशन सेंटर्स की भारी फीस नहीं दे पाते।
डोनर ने बताया कि जरूरतमंद महिलाओं को इसने अपने बारे में पूरी जानकारी दे रखी थी। इच्छुक महिलाएं इससे संपर्क करतीं और किसी आसपास की जगह पर ये उन्हें स्पर्म सैंपल दे दिया करता। ब्रिटेन में स्पर्म डोनेशन के लिए ऐसा भी कानून है जिसमें डोनर 10 परिवारों से ज्यादा लोगों को डोनेट नहीं कर सकते, क्याेंकि इससे जेनेटिक तौर पर आधे
भाई-बहनों की संख्या में इजाफा हो सकता है। ब्रिटेन स्पर्म डोनेशन सैंटर की डॉक्टर हैना के मुताबिक स्पर्म का ब्लैक मार्कीट बहुत खतरनाक है। प्रैग्नेंट होने के लिए ऐसे स्पर्म जिसकी कोई क्लीनिक में जांच न की गई हो, बेहद खतरनाक है। इससे कई तरह की बीमारियां मां और बच्चे दोनों को हो सकती हैं। इसके साथ ही गैरकानूनी ढंग से डोनेट किए गए स्पर्म से पैदा हुई संतान पर डोनेट करने वाला कानून अधिकार का दावा भी ठोक सकता है।
IndianZ Xpress NZ's first and only Hindi news website