
जब अशुभ सितारों (धनिष्ठा, शतभिषा, पूवज भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती) का मिलन होता है, उस समय को पंचक कहा जाता है। ज्योतिष विद्वान इसे अशुभ समय मानते हैं और सतर्क रहने की हिदायत देते हैं। इस दौरान किए गए कामों में असफलता अथवा रुकावटें आती हैं। आज सोमवार, 2 जुलाई को 8.50 से पंचक आरंभ होगी 7 जुलाई शनिवार 7.41 पर समाप्त होगी।
पंचक में न करें यह काम
पंचक के दौरान शव का अंतिम संस्कार करना वर्जित है। मान्यतानुसार पंचक में शवदाह करने से कुटुंब या क्षेत्र में पांच लोगों की मृत्यु होती है।
दक्षिण दिशा में यात्रा न करें क्योंकि दक्षिण दिशा, यम की दिशा है अर्थात इन नक्षत्रों में दक्षिण दिशा की यात्रा हानिकारक है।
घनिष्ठा नक्षत्र में ईंधन इकट्ठा न करें अर्थात गैस सिलेंडर या पेट्रोल या केरोसीन न खरीदें इससे अग्नि का भय रहता है।
पंचक के दौरान, पलंग और फर्नीचर भी न खरीदें।
रेवती नक्षत्र में घर की छत डालना धन हानि और क्लेश कराने वाला होता है।
पंचक में करें ये काम
पंचक के पांच नक्षत्रों में से धनिष्ठा व शतभिषा चर संज्ञक हैं अत: इसमें पर्यटन, मनोरंजन, मार्केटिंग व वस्त्रभूषण खरीदना शुभ है। पूर्वाभाद्रपद उग्र संज्ञक नक्षत्र है अत: इसमें वाद-विवाद व मुकदमें जैसे कामों को करना शुभ है। उत्तरा-भाद्रपद ध्रुव संज्ञक नक्षत्र है। इसमें शिलान्यास, योगाभ्यास व दीर्घकालीन योजनाओं को प्रारम्भ शुभ है। रेवती नक्षत्र मृदु संज्ञक नक्षत्र है अत: इसमें गीत, संगीत, अभिनय, टी.वी. सीरियल का निर्माण एवं फैशन शो आयोजित किये जा सकते हैं।
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