
तेहरान:ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना करते हुए आज कहा कि यह ‘‘देशों के बीच दीवारें बनाने का समय नहीं है।’’रूहानी ने तेहरान में एक पर्यटन सम्मेलन में कहा,‘‘वह(ट्रंप)भूल गए हैं कि कई साल पहले बर्लिन की दीवार ढह गई।अगर देशों के बीच दीवारेें हैं भी तो उन्हें हटा देना चाहिए।’’
ईरानी राष्ट्रपति ने यह टिप्पणी ट्रंप के अमरीका-मेक्सिको की सीमा पर दीवार के निर्माण का आदेश देने और ईरान सहित 7 मुस्लिम देशों के लोगों के वीजा पर कड़ा नियंत्रण लागू करने के मद्देनजर की।रूहानी ने सीधे-सीधे वीजा प्रतिबंध पर टिप्पणी नहीं की,लेकिन कहा कि ईरान ने 2015 में विश्व शक्तियों के साथ परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद से विदेशी पर्यटकों के लिए अपने ‘‘दरवाजे खोल दिए।’’
अमरीका में दस लाख से अधिक ईरानी रहते हैं और अनेक ईरानी परिवार ट्रंप के वीजा प्रतिबंध के प्रभावों को लेकर काफी चिंतित हैं।वीजा प्रतिबंध से इराक,लीबिया,सोमालिया,सूडान,सीरिया और यमन के नागरिक भी प्रभावित होंगे।इससे पहले ऑस्कर की विदेशी भाषा की सर्वश्रेष्ठ फिल्म श्रेणी में नामांकित ईरानी फिल्म ‘‘द सेल्समैन’ की अभिनेत्री तराना अलीदोस्ती ने गुरूवार को कहा था कि वह ट्रंप के मुस्लिम आव्रजकों पर ‘‘नस्ली’’प्रतिबंध के विरोध में समारोह का बहिष्कार करेंगी।33 साल की अभिनेत्री ने कहा,‘‘ईरानियों के लिए ट्रंप का वीजा प्रतिबंध नस्ली है।इसके दायरे में कोई सांस्कृतिक कार्यक्रम आए ना आए,मैं विरोध में 2017 के ऑस्कर पुरस्कार समारोह में शिरकत नहीं करूंगी।’’इस रोक के तहत सातों देशों के आव्रजकों या आगंतुकों को कम से कम 90 दिनों तक वीजा जारी नहीं किया जाएगा और यह रोक इन देशों द्वारा अमरीकी वीजा चाहने वाले अपने नागरिकों से जुड़ी विस्तृत सूचना मुहैया ना कराने पर बढ़ाई जा सकती है। ईरानी लोगों ने कहा कि वे इस फैसले से हैरान हैं।तेहरान में रहने वाले 33 साल के मोहसिन नजरी ने कहा,‘‘अमरीका में रहने वाले अधिकतर लोग खुद में आव्रजक हैं।कुछ देशों को निशाना बनाना और उन्हें आतंकवादी कहना तार्किक नहीं है।’’
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