
भारत ने एक बार फिर चीन को ऐसा बड़ा झटका दिया है कि ड्रैगन तिलमिला उठेगा। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने भारत में 50 अरब डॉलर का निवेश करने की बात कही है। UAE अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से ठीक पहले भारत में 50 अरब डॉलर के निवेश का ऐलान कर सकता है। और UAE के इस फैसले से चीन का गुस्सा बढ़ना तय माना जा रहा है।
UAE ने तेजी से बढ़ रही भारत की इकॉनमी पर भरोसा करते हुए इस बड़े निवेश 50 बिलियन डॉलर यानी 4 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश की बात कही है । चीन जो अपन इकॉनमी को मजबूत करने के लिए विदेशी निवेश को तरस रहा है और भारत को मिल रहे इस निवेश से परेशान हो सकता है। दरअसल, कोविड के बाद से चीन की हालात खराब है। चीन अपनी गिरती इकॉनमी को संभालने में जुटा हुआ है। रियल एस्टेट से मिले झटके ने चीन की इकॉनमी की नींव को हिला कर रखा दिया है। चीन की कंपनियां दिवालिया हो रही है तो वहीं विदेशी कंपनियां साथ छोड़ रही है। इकॉनमी में जान फूंकने के लिए चीन विदेशी निवेश की ताक में है, लेकिन UAE के इस ऐलान से बड़ा झटका लगा है।
यह निवेश इस बात के संकेत हैं कि दुनियाभर के देश भारत की तेज रफ्तार से भाग रही इकॉनमी को देख उसका साथ दे रहे हैं। भारत और UAE के बीच रिश्ते और मजबूत हो रहे हैं। UAE से आने वाले इस निवेश से भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर और इंफ्रा को काफी मजबूती मिलेगी। भारत की इकॉनमी और मजबूत होगी। बता दें कि मौजूदा समय में UAE और भारत के बीच नॉन ऑयल बाइलेटरल ट्रेड 100 अरब डॉलर का हो चुका है। बता दें कि UAE में की कुल आबादी में से भारत के लोगों की संख्या करीब 30 फीसदी है। दोनों देशों के बीच मजबूत रिश्ते का नतीजा है कि UAE ई भारत में अपना निवेश और बढ़ा रहा है।
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