
दूध से दही जमाने के लिए जामन की जरूरत होती है और अगर घर पर जामन न हो तो दही जमाने का सवाल ही पैदा नहीं होता। घर पर दही जमाने की ज्यादा दिक्कत तो सर्दियों में होती है। इस मौसम में दही जमाने के लिए उसे लपेट कर रखा जाता है ताकि जल्दी और सही दही जम जाएं।
आपको अगर यह कहा जाए कि बिना जामन के भी आप दही जमा सकते है तो शायद आप इस बात पर यकीन नहीं कर पाएगें। जी हां राजस्थान के जैसलमेर जिले में स्थित इस गांव में जामन की जरूरत नहीं पड़ती है। विदेशी पर्यटक इस पत्थर को खास दही जमाने के लिए घर लेकर जाते हैं।
जैसलमेर जिसे स्वर्णनगरी भी कहा जाता है। यहां का गांव हाबूर है और पीले पत्थर यहां की खास खूबी है जो बिना जामन के सिर्फ दूध डालकर दही जमाने की खूबी रखता है। इसी वजह से यह बर्तन विदेशों तक में लोकप्रिय है।
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