
भारतीय-अमेरिकी वेंचर कैपिटलिस्ट आशा जडेजा मोटवानी ने वेनेजुएला के घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत पर तंज कसा है। आशा ने कहा है कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने रूस से बहुत सारे हथियार खरीद रखे थे। हालांकि जब अमेरिका ने हमला किया तो ये हथियार काम नहीं आए। अमेरिकी सैनिक मादुरो तक पहुंचे और उनको बंधक बनाकर अमेरिका ले आए। ऐसे में भारत को भी इससे सतर्क हो जाना चाहिए क्योंकि भारत के पास भी ज्यादातर रूस के ही हथियार हैं।
आशा मोटवानी ने एक्स पर किए गए अपने पोस्ट में लिखा, ‘वेनेजुएला के रूसी मिलिट्री इक्विपमेंट अमेरिकी मिलिट्री के सामने कुछ सेकंड में टूट गए। उम्मीद है भारत देख रहा होगा। हमारे लिए यह जानना समझदारी होगी कि हमारी रोटी का कौन सा हिस्सा मक्खन लगा हुआ है, कौन हमारे ताकतवर दोस्त हैं और कौन नहीं।’ अपनी पोस्ट में आशा ने भारतीय अमेरिकियों और भारतीय रूसियों की संख्या के अंतर को बढ़ा-चढ़ाकर बताते हुए एक गलत आंकड़ा दिया- ‘भारतीय अमेरिकी: 5,000,000। भारतीय रूसी: 5।’
ट्रंप की समर्थक हैं आशा – भारतीय मूल की वेंचर कैपिटलिस्ट आशा जडेजा हालिया समय में अमेरिका में चर्चा में आती रही हैं। हाल ही में उन्होंने दावा किया था कि उनकी वजह से डोनाल्ड ट्रंप ने H1-B पर अपना रुख बदला था। सिलिकॉन वैली की वेंचर कैपिटलिस्ट आशा डानाल्ड ट्रंप को सबसे ज्यादा दान देने वाले लोगों में शुमार हैं।
Home / News / वेनेजुएला को भारत देख रहा होगा… भारतीय-अमेरिकी आशा जडेजा ने क्यों दी नई दिल्ली को चेतावनी
IndianZ Xpress NZ's first and only Hindi news website