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दुनिया में 39 करोड़ ईसाइयों से हिंसा, सबसे खतरनाक 15 देशों की लिस्ट में भारत शामिल, वेटिकन से बड़ा दावा


दुनियाभर में ईसाइयों से होने वाली हिंसा में खतरनाक इजाफा हुआ है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2024 के मुकाबले 2025 में 80 लाख ज्यादा ईसाइयों के साथ अलग अलग तरह के उत्पीड़न और हिंसा की घटनाएं दर्ज की गई हैं। ये संख्या रिकॉर्ड 388 मिलियन दर्ज किया गया है, यानि करीब 38 करोड़ 80 लाख ईसाइयों को प्रताड़ित किया गया है। ओपन डोर्स ने दुनियाभर में स्टडी के आधार पर इस रिपोर्ट को सार्वजनिक किया है। इसके डायरेक्टर क्रिस्टियन नानी ने कहा है कि “दुर्भाग्य से 2025 में ये एक खतरनाक रिकॉर्ड देखने को मिला है।” ओपन डोर्स ने बुधवार को वर्ल्ड वॉच लिस्ट 2026 प्रकाशित की है, जो दुनिया भर में सताए गए ईसाइयों पर उनकी सबसे ताजा रिपोर्ट है।
ओपन डोर्स के वर्ल्ड वॉच लिस्ट में खुलासा किया है कि दुनियाभर में जिन 38.8 करोड़ ईसाइयों से उत्पीड़न हुआ है, उनमें 20.1 करोड़ महिलाएं या लड़कियां हैं। जबकि 11 करोड़ की उम्र 15 साल से कम है, यानि नाबालिग हैं। वहीं, वर्ल्ड वॉच लिस्ट में कहा गया है कि जिन देशों में ईसाइयों पर होने वाले अत्याचार का लेवल “बहुत ज्यादा” है, उन देशों की संख्या 13 से बढ़कर 15 हो गई है। यानि, 15 देश ऐसे चिन्हित किए गये हैं, जहां ईसाइयों से सबसे ज्यादा हिंसा की गई है। सबसे हैरानी की बात ये है कि इस लिस्ट में भारत का भी नाम है।
वो 15 देश, जहां ईसाइयों से हुआ सबसे ज्यादा उत्पीड़न – वर्ल्ड वॉच लिस्ट की रिपोर्ट में बताया गया है कि उत्तर कोरिया में ईसाई होना सबसे ज्यादा खतरनाक है। इसके अलावा अत्याचार के खतरनाक लेवल वाले देशों की लिस्ट में सोमालिया, इरिट्रिया, लीबिया, अफगानिस्तान, यमन, सूडान, माली, नाइजीरिया, पाकिस्तान, ईरान, भारत, सऊदी अरब, म्यांमार और सीरिया का नाम लिया गया है। यानि भारत में भी ईसाइयों से उत्पीड़न होता है, ऐसा इस रिपोर्ट में दावा किया गया है। वॉच लिस्ट के मुताहिक सीरिया में हिंसा ‘बहुत ज्यादा’ स्तर पर पहुंच गया है। वेटिकन न्यूज की रिपोर्ट में क्रिस्टियन नानी ने कहा है कि “सीरिया में ईसाई खतरे में हैं और हमारे डेटा के मुताबिक, सीरिया में अब सिर्फ 3 लाख ईसाई बचे हैं, यानी दस साल पहले की तुलना में लाखों कम।”