
वेस्टइंडीज के कप्तान डेरेन सैमी को पाकिस्तान में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को वापस लाने के लिए देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार सितारा-ए-पाकिस्तान से सम्मानित किया गया है। सैमी ने सोमवार को पुरस्कार ग्रहण किया और अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर समारोह की तस्वीरें ट्वीट कीं। इसकी घोषणा सबसे पहले 23 मई को की गई थी।
सैमी पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) में सक्रिय रहे हैं। देश की टी-20 लीग में खेलने के लिए कम विदेशी क्रिकेटरों ने दिलचस्पी दिखाई थी लेकिन सैमी को इससे फर्क नहीं पड़ा। सैमी की एंट्री के बाद कई और विदेशी खिलाड़ी आए। पाकिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था पर हमेशा से सवाल उठते रहे हैं। 2009 में जब श्रीलंका क्रिकेट टीम पर हमला हुआ था, उसके बाद से कई विदेशी टीमों ने यहां आकर खेलने से इंकार कर दिया था। हालांकि अब स्थिति कुछ और है। श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया की टीमें पाकिस्तान का दौरा कर चुकी हैं।
सैमी की बात करें तो वेस्टइंडीज के लिए वह अपनी टीम को बतौर कप्तान दो बार टी-20 विश्व कप जितवा चुके हैं। 2016 में वह पीएसएल में आए और 2020 तक पेशावर जाल्मी का प्रतिनिधित्व किया। सैमी ने सोमवार को पुरस्कार प्राप्त करते हुए एक तस्वीर के साथ ट्वीट किया, मैं सितारा-ए-पाकिस्तान पुरस्कार ले रहा हूं। यह गर्व का क्षण है।
सैमी का प्रतिनिधित्व करने वाली पीएसएल फ्रेंचाइजी पेशावर जाल्मी के अध्यक्ष जावेद अफरीदी ने ट्वीट किया, “बधाई भाई डेरेन सैमी। सितारा-ए-पाकिस्तान के लायक! पाकिस्तान क्रिकेट पुनरुद्धार के लिए आपका योगदान सुनहरे शब्दों में लिखा जाएगा और हमारे दिल में हमेशा के लिए लिखा जाएगा।
बता दें कि सैमी ने खेल के तीनों प्रारूपों में वेस्टइंडीज का प्रतिनिधित्व किया है। उन्होंने 30 टेस्ट में 1,323 रन बनाने के साथ 84 विकेट लिए हैं। इसके अलावा 126 एकदिवसीय मैचों में उन्होंने 1871 रन बनाए हैं और 81 विकेट लिए हैं।
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