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तुलसी के पौधे की सूखी लकड़ी का क्या करें? माली ने बताए एक नहीं दो काम के तरीके, घर से भाग जाएंगे मच्छर


अक्सर लोग तुलसी का पौधा सूखने पर उसे बेकार समझकर हटा देते हैं, लेकिन गार्डनिंग एक्सपर्ट्स की मानें तो इसकी सूखी लकड़ियां बड़े काम की हैं। इन्हें कचरा समझकर फेंकना एक बड़ी भूल हो सकती है। धार्मिक रूप से पवित्र और वैज्ञानिक रूप से औषधीय गुणों से भरपूर इन लकड़ियों का उपयोग हवन से लेकर मच्छरों को भगाने तक में किया जा सकता है।
भारतीय संस्कृति में तुलसी का पौधा केवल एक वनस्पति नहीं, बल्कि पूजनीय है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि तुलसी के सूख जाने के बाद भी उसकी लकड़ियां उतनी ही प्रभावशाली और पवित्र रहती हैं। कई लोग जानकारी के अभाव में इन्हें कचरे में फेंक देते हैं, जबकि एक्सपर्ट्स इन्हें सहेजकर रखने की सलाह देती हैं।
दरअसल गार्डनिंग एक्सपर्ट रेनू ने तुलसी की सूखी लकड़ियां को अलग-अलग तरह से इस्तेमाल करने का तरीका बताया है। आप इन लकड़ियों की मदद से मच्छरों को भगाने से लेकर चाय का स्वाद बढ़ाने तक में इस्तेमाल कर सकते हैं। सबसे अच्छी बात है फिर इन पवित्र लकड़ियों को फेंकने की नौबत नहीं आएगी।
मच्छर भगाने का प्राकृतिक तरीका – बाजार में मिलने वाली मॉस्किटो कॉइल्स सेहत के लिए हानिकारक मानी जाती है। प्राकृतिक तरीके से मच्छरों को भगाने के लिए आप तुलसी की सूखी लकड़ियों का इस्तेमाल कर सकते हैं। इन्हें छोटे टुकड़ों में तोड़कर थोड़ा कपूर रखकर जलाएं। इसका सुगंधित धुआं घर के कोनों-कोनों से मच्छरों और छोटे कीटों को बाहर निकाल देता है। यह पूरी तरह से केमिकल-फ्री और सुरक्षित तरीका है।
जैविक खाद बनाना – अगर लकड़ियां बहुत ज्यादा गल चुकी हैं, तो उन्हें छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर मिट्टी में दबा दें। यह मिट्टी के लिए एक बेहतरीन खाद का काम करती हैं। तुलसी के अवशेष मिट्टी की गुणवत्ता बढ़ाते हैं और अन्य पौधों को फंगस के संक्रमण से बचाने में मदद करते हैं।
चाय मसाला बनाना – तुलसी की सूखी टहनियों को पीसने के बाद बचे मोटे पार्ट का इस्तेमाल आप चाय मसाला बनाने के लिए कर सकते हैं। इसमें 2 से 3 चम्मच गुलाब की पत्तियां डाल लीजिए। इसी में लौंग, इलायची, सौंफ और दालचीनी का टुकड़ा मिला लें। साथ में एक मुलेठी का टुकड़ा भी लें, लेकिन उसे पहले ओखली में कूट लें। अब इन सभी चीजों को एक साथ पीसने से चाय मसाला पाउडर बनकर तैयार हो जाएगा।
हवन और यज्ञ सामग्री में उपयोग – गार्डनिंग एक्सपर्ट का कहना है कि तुलसी की लकड़ी को जब भी घर में छोटा हवन या रोज की आरती के बाद गुग्गुल-लोबान का धुआं करते हैं, तो उसमें तुलसी की सूखी डंडियां डाल सकते हैं। इससे निकलने वाली अग्नि वातावरण से निगेटिव एनर्जी को सोख लेती है और मानसिक शांति मिलती है।
तुलसी जल का इस्तेमाल – गार्डनिंग एक्सपर्ट के तरीकों के अलावा अगर लकड़ियां बहुत पतली हैं, तो उन्हें साफ करके एक तांबे के लोटे में पानी भरकर डाल दें। कुछ घंटों बाद इस जल का छिड़काव पूरे घर में करें। वैज्ञानिक दृष्टि से तुलसी के अर्क वाला यह पानी हवा में मौजूद बैक्टीरिया को कम करने में मदद करता है और आध्यात्मिक रूप से घर में पवित्रता बढ़ाते हैं।
तुलसी की माला बनाना – तुलसी की थोड़ी मोटी सूखी लकड़ियों को छीलकर उनसे छोटे-छोटे मोती बना सकते हैं। इन मोतियों को पिरोकर लड्डू गोपाल के लिए कंठी माला या हाथ में पहनने वाली माला बनाई जा सकती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, घर की तुलसी की माला पहनना शुभ और सुरक्षात्मक माना जाता है।