
मालदीव की मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय सैनिकों का पहला जत्था 10 मार्च को रवाना हुआ और आखिरी जत्था 10 मई तक रवाना होगा। वहीं सैनिकों की जगह विमान संचालन करने वाले नागरिक कर्मियों का पहला जत्था अब मालदीव पहुंच गया है। सैनिकों की जगह वह अब विमान और हेलीकॉप्टर का संचालन कर रहा है। पिछले महीने भारत ने अड्डू में इस्तेमाल किए गए हेलीकॉप्टर को मरम्मत के लिए वापस लेने के बाद एक नया हेलीकॉप्टर भेजा था। नए हेलीकॉप्टर के साथ आया भारतीय नौसैनिक जहाज 29 फरवरी को मालदीव में रुका था।
भारत के विमानों का नहीं होगा इस्तेमाल – विमान का इस्तेमाल समुद्र में खोज अभियानों और मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में द्वीपों से रोगियों को ले जाने के लिए किया जाता था। मालदीव की मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भविष्य में भारतीय विमान का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। हालांकि विमान को संचालित करने के लिए भारत की ओर से भेजी गई टेक्निकल टीम का क्या होगा यह अभी साफ नहीं है। मालदीव सरकार की ओर से शुरू की गई एयर एंबुलेंस सर्विस और MNDF में जोड़े गए एयर कार्गो के कारण भारतीय विमानों का परिचालन बंद होने की उम्मीद है।
भारत के टेक्निकल स्टाफ पर नहीं विश्वास – भारत ने मालदीव में सिविल तकनीकी कर्मचारी भेजे हैं। लेकिन मालदीव की सरकार और नेता यह मानने को तैयार नहीं कि यह सैनिक नहीं हैं। इस बारे में जब सवाल किया गया तो मालदीव सरकार के अधिकारियों ने कहा कि वे नागरिक थे या नहीं इसकी पुष्टि की जाएगी। इसकी पुष्टि कैसे होगी यह अभी खुलासा नहीं हुआ है। पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन ने मंगलवार को भारतीय एयरक्राफ्ट को वापस भेजने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि ‘नागरिकों के भेष में’ भारतीय सैनिकों को मालदीव में रहने की जरूरत नहीं।
Home / Uncategorized / मालदीव नहीं करेगा भारत के हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल, जान बचाने वाले प्लेन से भी मुइज्जू को हुई दिक्कत, जानें
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