
हाल ही जब ‘बॉर्डर 2’ का गाना ‘ऐ जाते हुए लम्हों’ रिलीज हुआ, तो दर्शकों के जेहन में 29 साल पहले आया यही आइकॉनिक गाना उभर आया। 29 साल पहले आई ‘बॉर्डर’ में ‘ऐ जाते हुए लम्हों’ गाना सुनील शेट्टी और शरबानी मुखर्जी पर फिल्माया गया था। फिल्म में शरबानी ने सुनील शेट्टी की पत्नी का रोल प्ले किया था। रोल बहुत ही छोटा था, पर उसमें भी शरबानी छा गई थीं। फूल कंवर के किरदार में शरबानी ने ऐसी छाप छोड़ी कि अब जब ‘बॉर्डर 2’ से उस गाने के नए वर्जन को रिलीज किया गया तो शरबानी की भी चर्चा होने लगी। शरबानी मुखर्जी ने 1997 में आई ‘बॉर्डर’ से ही एक्टिंग डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने चंद फिल्में और कीं, पर बॉलीवुड में सफलता नहीं पा सकीं।
अब वह कहां हैं और क्या करती हैं, यहां बता रहे हैं। उन्होंने फिल्में क्यों छोड़ीं पता है? शरबानी मुखर्जी का अशोक कुमार से भी एक खास कनेक्शन है।
रानी मुखर्जी और काजोल की कजिन शरबानी मुखर्जी – शरबानी मुखर्जी रिश्ते में रानी मुखर्जी काजोल और तनीषा की कजिन हैं, पर उन्हें वैसे सफलता नहीं मिल पाई जैसी बहनों को मिली। शरबानी के पिता रोनो मुखर्जी थे, जो देब मुखर्जी, शोमू और जॉय मुखर्जी के भाई थे। उनके दादा शशधर मुखर्जी जाने-माने फिल्ममेकर थे। शरबानी मुखर्जी का एक भाई भी है, जिसका नाम सम्राट है और वह बॉलीवुड के अलावा बंगाली फिल्मों में भी काम कर चुके हैं।
‘बॉर्डर’ से किया था डेब्यू, छोटा रोल पर ‘फूल कंवर’ बन छा गईं – शरबानी मुखर्जी ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत फिल्म ‘बॉर्डर’ से की थी। इसमें उन्होंने सुनील शेट्टी की प्रेमिका और पत्नी फूल कंवर का किरदार निभाया था। रोल छोटा था, पर उसमें वह छा गई थीं। इसके बाद वह समीर सोनी के साथ ‘घर आजा सोणिया’ गाने में नजर आईं। शरबानी ने ‘बॉर्डर’ के बाद कई और हिंदी फिल्में कीं, पर उन्हें कुछ खास सफलता नहीं मिली। वह ‘मिट्टी’, ‘अंश: द डेडली पार्ट’ और ‘कैसे कहूं कि प्यार है’ जैसी हिंदी फिल्मों में दिखी, पर साइड रोल ही मिले।
बॉलीवुड में फेल तो साउथ और भोजपुरी में किया काम, 15 साल से दूर – साल 2000 में शरबानी मुखर्जी ने साउथ की फिल्मों का रुख किया। उन्होंने मलयालम और तमिल फिल्मों में काम किया। पर यहां भी दाल नहीं गली। तब शरबानी ने फिर भोजपुरी सिनेमा में एंट्री की। साल 2006 में वह भोजपुरी फिल्म ‘धरती कहे पुकार के’ में नजर आईं। इसके बाद शरबानी ने फिल्मों को अलविदा कह दिया। साल 2010 में उनकी आखिरी हिंदी फिल्म आई थी और 2010 में वह आखिरी मलयालम फिल्म Athma Kadha में दिखी थीं।
बड़े फिल्मी खानदान का भी नहीं हुआ फायदा – शरबानी मुखर्जी के बड़े फिल्मी खानदान से हैं, पर इसका उन्हें कोई खास फायदा नहीं हुआ। नामी डायरेक्टर्स और एक्टर्स की कजन-बहन होने के बावजूद शरबानी को न तो किसी बड़े बैनर की फिल्म में काम करना नसीब हुआ और ना ही किसी बड़े हीरो संग कोई बड़ी फिल्म मिली। वह फिल्मों में अपनी पहचान बनाने के लिए लगातार स्ट्रगल करती रहीं और अब 15 साल से फिल्मों से दूर हैं।
बस नवरात्रि पर नजर आती हैं शरबानी मुखर्जी – शरबानी मुखर्जी फिल्मों से तो दूर हैं, पर हर साल नवरात्र के मौके पर वह दुर्गा पूजा पंडालों में जरूर नजर आती हैं। उसी वक्त वह मीडिया की नजरों में आती हैं। वरना वह पब्लिक से दूर ही रहती हैं। शरबानी इंस्टाग्राम पर तो हैं, पर उस पर कम ही एक्टिव रहती हैं। उनका पिछला पोस्ट 9 जुलाई 2025 का है।
अशोक कुमार से शरबानी मुखर्जी का ये है कनेक्शन – शरबानी मुखर्जी का कनेक्शन एक्टर अशोक कुमार से भी है। दरअसल उनके दादा शशधर मुखर्जी की पत्नी यानी उनकी दादी सतीरानी देवी एक्टर अशोक कुमार की बहन थीं। शरबानी मुखर्जी शादीशुदा हैं या सिंगल हैं, इसकी भी जानकारी नहीं है क्योंकि वह अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर बेहद सीक्रेटिव रहती हैं। हालांकि, सोशल मीडिया पर भी उनके सिर्फ फैमिली से जुड़े पोस्ट हैं, पति या बच्चे की कहीं कोई जानकारी नहीं है।
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