Sunday , March 15 2026 7:53 PM
Home / Sports / फाइनल में क्यों काली पट्टी बांधकर खेले मिचेल स्टार्क? वजह जानकर उनके लिए मन में बढ़ जाएगी इज्जत

फाइनल में क्यों काली पट्टी बांधकर खेले मिचेल स्टार्क? वजह जानकर उनके लिए मन में बढ़ जाएगी इज्जत


ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने भारत के खिलाफ ब्लॉकबस्टर वर्ल्ड कप फाइनल में कुछ ऐसा किया जिसने सभी को दिल जीत लिया है। अहमदाबाद के 130,000 दर्शकों की क्षमता वाले क्रिकेट स्टेडियम में ऐतिहासिक निर्णायक मैच की पहली गेंद डालने वाले स्टार्क ने अपनी दाहिनी बांह पर काली पट्टी बांध रखी थी। उनके अलावा सिर्फ स्टीव स्मिथ के हाथों पर ही यह काली पट्टी दिख रही थी। स्टार्क की पट्टी पर ‘PH’ भी लिखा था।
स्टार्क के हाथ पर काली पट्टी क्यों? – सबसे बड़ा सवाल यही है कि मिचेल स्टार्क ने अपने हाथों पर काली पट्टी क्यों बांधी थी। उन्होंने यह काली पट्टी अपने पूर्व साथी खिलाड़ी फिलिप ह्यूज को श्रद्धांजलि देने के लिए बांधी थी। बाएं हाथ के बल्लेबाज ह्यूज ऑस्ट्रेलिया टीम के उभरते हुए सितारे थे। ऑस्ट्रेलिया के लिए 26 टेस्ट और 25 वनडे खेल चुके ह्यूज की 2014 में न्यू साउथ वेल्स के लिए खेलते समय एक दुर्घटना के बाद दुखद मृत्यु हो गई थी।
सिर के पीछे लगी थी बाउंसर – 25 वर्षीय फिलिप ह्यूज की गर्दन पर बाउंसर से चोट लगी और वह मैदान पर ही गिर गए। उन्होंने तुरंत अस्पताल ले जाया गया लेकिन बच नहीं पाए। स्टार्क और ऑस्ट्रेलियाई टीम के कई अन्य सदस्य ह्यूज के करीबी दोस्त और टीम के साथी थे। 2015 वर्ल्ड कप के फाइनल में भी मिचेल स्टार्क इसी तरह काली पट्टी बांधकर मैदान पर खेलने उतरे थे। उस फाइनल में तब के ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइकल क्लार्क के हाथों पर भी काली पट्टी थी।
ऑस्ट्रेलिया छठी बार चैंपियन – ऑस्ट्रेलिया ने फाइनल मुकाबले को 6 विकेट से अपने नाम कर छठी बार वर्ल्ड कप का खिताब जीता। फाइनल मुकाबले में स्टार्क सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 55 रन देकर शुभमन गिल के साथ केएल राहुल और मोहम्मद शमी को आउट किया। आखिरी स्पेल में स्टार्क को रिवर्स स्विंग भी मिल रहा था। इससे बल्लेबाजी और मुश्किल हो गई।