
चीन में कई दशकों तक बदनाम ‘वन चाइल्ड पॉलिसी’ रहा। लोगों को एक से ज्यादा बच्चे पैदा करने की इजाजत नहीं थी। कई दशकों की इस नीति ने देश की आबादी पर अब बहुत बुरा असर डालना शुरू कर दिया है। मौजूदा स्थिति ये है कि अब चीन तो आबादी में इजाफा चाहता है, लेकिन चीनी नागरिक बच्चे नहीं चाहते। आबादी बढ़ाने के लिए चीन ने कई तरह से स्कीम लागू किए गये हैं, पैसे बांटे जा रहे हैं, वेलफेयर कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, लेकिन उनका नतीजा नहीं निकल पा रहा है। ऐसा लग रहा है कि चीन की एक बड़ी आबादी का बच्चे पैदा करने से मोह भंग हो चुका है।
शी जिनपिंग के प्रशासन ने घटती आबादी की समस्या से निपटने के लिए एक जनवरी से, चीन में गर्भनिरोधक दवाओं और उपकरणों पर लंबे समय से चली आ रही टैक्स छूट को खत्म कर दिया है। इस फैसले के बाद कंडोम समेत दूसरे गर्भनिरोधक गोलियों पर 13 प्रतिशत वैल्यू-एडेड टैक्स (VAT) लगेगा, जो कंज्यूमर गुड्स के लिए स्टैंडर्ड रेट है। इस कदम का मकसद गर्भनिरोधक दवाओं खरीदने से लोगों को हतोत्साहित करना है। साल 2024 में लगातार तीसरे साल चीन की आबादी में गिरावट आई है। देश के तमाम एक्सपर्ट इस ट्रेंड से डरे हुए हैं और चेतावनी दे रहे हैं।
Home / News / चीन में कंडोम और गर्भनिरोधक गोलियां महंगी क्यों की गई? अमीर बनने से पहले हो जाएगा बूढ़ा, क्यों डरा?
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