
होंगक्सिया के 84 साल के ससुर ने उनके दस साल के बलिदान के लिए आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि वह मेरी बहू है लेकिन मुझे बेटी से भी ज्यादा अजीज है। कोई भी उसकी तुलना नहीं कर सकता है। सोशल मीडिया यूजर्स ने अपनी टिप्पणियों में इसे सच्चा प्यार का एक उदाहरण कहा है।
चीन से एक ऐसी पत्नी की जानकारी सामने आई है, जिसने 10 साल की कठिन तपस्या से अपने पति को मौत के मुंह से खींच लिया। इस महिला को कई सोशल यूजर्स ने चीन की सावित्री भी कहा है, जिसकी वजह से 10 साल बाद उसके बीमार पति ने आंखें खोली हैं।
चीनी महिला की सेवा तब रंग लाई जब उसका पति 10 साल बाद कोमा से बाहर आया। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार, चीन के अनहुई प्रांत की सुन होंगक्सिया के पति 2014 में दिल का दौरा पड़ने के बाद कोमा में चले गए थे। पति की हालत लगातार खराब होती रही लेकिन उन्होंने अपने पति की सेवा जारी रखी। उन्हें हमेशा विश्वास था कि उनके पति एक दिन ठीक हो जाएंगे। आखिरकार 10 साल बाद सुन होंगक्सिया की देखभाल के चलते उनके पति कोमा से बाहर आ गए। होंगक्सिया ने पति के कोमा से बाहर आने के बाद बीते दस साल के मुश्किल समय पर बात की तो उनके आंसू छलक पड़े।
बच्चों के ख्याल ने रखा पति के पास – होंगक्सिया ने स्थानीय मीडिया से कहा कि अभी तो उन्हें कुछ समय नहीं आ रहा है। बीते दस साल ने सब कुछ बदलकर रख दिया लेकिन अब उम्मीद है कि परिवार के फिर से एकजुट होने के बाद सब ठीक होगा। होंगक्सिया ने कहा कि उके पति को अचानक दिल का दौरा पड़ा और वह कोमा में चले गए। इसके बाद चीजें बहुत मुश्किल हो गई थीं लेकिन उन्होंने अपने दो बच्चों की ओर देखा तो और आशा ना खोते हुए मजबूत बने रहने का फैसला लिया।
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