
चेक गणराज्य की कारोलिना पिलिसकोवा ने पहला सेट गंवाने के बाद शानदार वापसी करके गुरुवार को यहां विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट के महिला एकल के फाइनल में प्रवेश किया जहां उनका सामना विश्व की नंबर एक खिलाड़ी एश बार्टी से होगा।
पिलिसकोवा ने सेमीफाइनल में बेलारूस की दूसरी वरीयता प्राप्त आर्यना सबालेंका को एक घंटे 53 मिनट तक चले मैच में 5-7, 6-4, 6-4 से हराया, इससे पहले ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी बार्टी ने 2018 की चैंपियन एंजेलिक कर्बर को 6-3, 7-6 (3) से पराजित किया था।
कर्बर के पास बार्टी के खिलाफ पहला सेट गंवाने के बाद उनके पास दूसरे सेट में वापसी का मौका था। कर्बर 5-3 पर सेट के लिये सर्विस कर रही थी, लेकिन उन्होंने 0-40 पर अपनी सर्विस गंवा दी। इसके बाद यह सेट टाईब्रेकर तक खिंच गया।
फ्रेंच ओपन 2019 की विजेता बार्टी ने टाईब्रेकर में 6-0 की बढ़त हासिल कर ली और फिर अपने चौथे मैच प्वाइंट पर जीत दर्ज की। कर्बर का बैकहैंड तब नेट पर उलझ गया था। बार्टी ने 2011 में जूनियर विंबलडन खिताब जीता था, लेकिन अस्वस्थ होने के कारण वह लगभग दो साल तक टेनिस से दूर रही थी।
दूसरे सेमीफाइनल में सबालेंका ने पहले सेट में आठ ब्रेक प्वाइंट का सामना किया, लेकिन उन्होंने इन सभी का बचाव किया। इनमें से चार ब्रेक प्वाइंट उन्होंने 5-5 के स्कोर पर बचाए। इसके बाद उन्होंने पिलिसकोवा के डबल फाल्ट का फायदा उठाकर अपना पहला ब्रेक प्वाइंट पर सेट जीता।
पिलिसकोवा हालांकि दूसरे सेट में सबालेंका की सर्विस तोड़कर 3-2 से बढ़त बनाने में सफल रही। इसके बाद उन्होंने तीसरे सेट के पहले गेम में ब्रेक प्वाइंट लिया और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। पिलिसकोवा ने इस मैच से पहले टूर्नामेंट में एक भी सेट नहीं गंवाया था।
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