आपने कभी गौर किया कि खाना बनाने में महिलाओं को महारत हासिल होती है, फिर भी अधिकांश बड़े शेफ़ पुरुष हैं। फैशन डिज़ाइनिंग में भी महिलाओं के साथ ही पुरुष बराबरी पर दिखाई देते हैं। लेकिन पुरुषों के माने जाने वाले क्षेत्रों में महिलाएं आमतौर पर एक क़दम पीछे दिखती हैं। ऐसा क्यों होता है? कमी कहां रह जाती है?
एक्सपर्ट्स बताते हैं कि कमी योग्यता या प्रतिभा की नहीं, सोच और व्यवहार की है। महिलाएं चाहें तो इस मामले में पुरुषों के कुछ गुण अपनाकर भी आगे बढ़ सकती हैं।
समाधान की ओर नज़र
ऐसा माना जाता है कि महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों का नेचर शांत होता है। वे मुश्किल सिचुएशन में भी आराम से समस्या के समाधान का प्रयास करते हैं, जबकि महिलाएं जल्दी परेशान हो जाती हैं और कई बार रोना-पीटना शुरू कर देती हैं। गम्भीर व शांत व्यक्ति को लोग भी ज्यादा समझदार मानते हैं और सम्मान देते हैं। यह स्वभाव लोगों से नपे-तुले व्यवहार में भी सहायक है। अपने बिहेवियर की कई नेगेटिव चीजों को भी शांत रहकर छुपाया जा सकता है।
Other steps:ज़िम्मेदारी, सहनशीलता, आत्मनिर्भरता, समझदारी, संकोच नहीं
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