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शकरकंद भूनने के लिए कोयला-अंगीठी की नहीं जरूरत, कुकर में मिल जाएगा सौंधा स्वाद, रश्मि की रसोई से मिला आसान तरीका


कहते हैं शकरकंद खाने का असली मजा आमतौर चूहे-अंगीठी पर भूनने या तंदूर में सेंकने पर ही आता है। लेकिन अगर आप घर पर ही अंगीठी वाला सौंधा स्वाद लेना चाहते हैं तो रश्मि की रसोई से मिली आसान रेसिपी को जान लीजिए। उन्होंने कुकर के अंदर बिना पानी, कोयले या तंदूर का उपयोग किए शकरकंदी को परफेक्टली भूनने का तरीका बताया है।
सर्दियों के मौसम में सौंधी-सौंधी भुनी हुई शकरकंदी का स्वाद किसे पसंद नहीं होता है। आमतौर पर इसे भूनने के लिए कोयले की अंगीठी या तंदूर की जरूरत पड़ती है, लेकिन हर किसी के पास इतनी सुलिधाएं उपलब्ध नहीं होतीं। खासतौर पर शहर में अंगीठी या तंदूर मिलना मुश्किल होता है। अब स्वाद वही चाहिए तो क्या करना चाहिए।
आप घर पर ही कोयले जैसा सौंधा स्वाद चाहते हैं, तो रश्मि की रसोई से मिला प्रेशर कुकर का तरीका आपके लिए एकदम सही है, जो आसान है। इसमें पानी का इस्तेमाल नहीं होता है। यहां पर बस आपको छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना होगा। उसके बाद आपको अंगीठी जैसे शकरकंद घर पर खाने के लिए मिल जाएंगे।
शकरकंद की सफाई – शकरकंद पर अक्सर मिट्टी बहुत ज्यादा लगी होती है। इन्हें बहते पानी के नीचे अच्छी तरह से धो लें। यदि मिट्टी सख्त हो, तो आप थोड़े से नमक का उपयोग करके शकरकंदी को रगड़ सकते हैं, इससे वे पूरी तरह से साफ हो जाएंगी। धोने के बाद, शकरकंदी को किसी साफ कपड़े या किचन टॉवल से पूरी तरह से पोंछकर सूखा लें।
कुकर को तैयार करना – अब गैस पर प्रेशर कुकर को मध्यम आंच पर चढ़ा दें। ध्यान रखें कि आपको कुकर के अंदर पानी, तेल या नमक कुछ भी नहीं डालना है। साफ और सूखी शकरकंदी को सीधे गरम हो रहे कुकर के तल पर रखें। शकरकंदी को एक ही परत में रखने की कोशिश करें ताकि उन्हें समान रूप से गर्मी मिल सके।
सीटी हटाना और धीमी आंच पर पकाना – ​कुकर का ढक्कन लगा दें, लेकिन ढक्कन लगाने से पहले कुकर की सीटी और गास्केट दोनों को निकाल दें। सीटी हटा देने से कुकर के अंदर प्रेशर नहीं बनेगा और भाप बाहर निकल जाएगी, जिससे शकरकंदी भुनना शुरू हो जाएंगी। गैस की आंच को एकदम धीमी कर दें। धीमी आंच पर शकरकंदी धीरे-धीरे अंदर तक पकती है और बाहर से सौंधी, भुनी हुई परत आती है।
बीच-बीच में पलटना -समान रूप से भूनने और जलने से बचाने के लिए शकरकंद को बीच में पलटना जरूरी है। लगभग 10-15 मिनट के अंतराल पर, ढक्कन खोलकर शकरकंदी को चिमटे की मदद से पलट दें। इससे यह सुनिश्चित होगा कि शकरकंदी चारों तरफ से समान रूप से सुनहरी और नरम हो रही है। शकरकंदी के साइज के आधार पर, उन्हें भूनने में 25 से 40 मिनट का समय लग सकता है।
सौंधा स्वाद और गर्मा-गर्म परोसना​ – शकरकंद भुन गई है या नहीं, इसे जांचने के लिए एक चाकू या कांटा उसमें डालकर देखें, अगर वह आसानी से अंदर चला जाए, तो शकरकंदी पूरी तरह भुन चुकी है। धीमी आंच पर बिना पानी के कुकर में भूनने से शकरकंदी के अंदर का प्राकृतिक शुगर कैरमेलाइज होता है, जो कोयले पर भूनने जैसा एक गहरा, सौंधा और मीठा स्वाद देता है। कुकर से भुनी हुई शकरकंदी को सावधानी से निकालें। छिलका हटाकर चाट मसाला, नींबू का रस और काला नमक छिड़ककर गरमा-गर्म परोसें।