
ईरान ने यूनानी अधिकारियों द्वारा पिछले माह अमेरिका के कथित दबाव में जब्त किए गए अपने जहाज को छोड़ने की मांग की है। यह जानकारी ईरान के सरकारी मीडिया ने शुक्रवार को दी। विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर अपना राजनयिक विरोध दर्ज कराने के लिए स्विट्जरलैंड के दूत को बुलाया है। स्विट्जरलैंड का दूत तेहरान में अमेरिका का प्रतिनिधित्व करता है, क्योंकि इसका (अमेरिका का) यहां कोई दूतावास नहीं है।
समाचार एजेंसी इरना ने खबर दी है कि ईरान ने अपने जहाज को जब्त करने की गतिविधि को अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून एवं अंतरराष्ट्रीय संधियों का उल्लंघन करार दिया है। उधर यूनानी मीडिया ने जब्त किये गये ईरानी जहाज को कच्चे तेल का टैंकर करार देते हुए कहा है कि यह टैंकर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का उल्लंघन करके तेल ले जा रहा था। ईरान ने बुधवार को इस मामले में यूनान के उपराजदूत को तलब किया था।
यह घटना अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव के बीच घटित हुई है। ईरान पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगाए गए हैं, क्योंकि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 2018 में ईरान के 2015 के परमाणु समझौते से अमेरिका को अलग कर लिया था।
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