
सऊदी अरब 800 अरब पाउंड (766 अरब रुपए) की लागत से एक ‘साइडवे स्काईस्क्रैपर’ बनाने की योजना बना रहा है। यह इमारत करीब 120 किमी लंबी होगी और दावा किया जा रहा है कि इसमें 50 लाख लोग रहेंगे। इस प्रोजेक्ट को ‘मिरर लाइन’ नाम दिया गया है क्योंकि इसके निर्माण में मिरर का इस्तेमाल किया जाएगा। कहा जा रहा है कि इसका आकार लगभग मैसाचुसेट्स के बराबर होगा और यह एम्पायर स्टेट बिल्डिंग से लंबा होगा।
खबरों को मुताबिक सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने जनवरी 2021 में इस विशालकाय इमारत को लेकर अपनी योजनाओं का खुलासा किया था। साथ ही मिस्र के पिरामिड की तर्ज पर सऊदी अरब के अपने पिरामिड्स के निर्माण के उद्देश्य के बारे में भी बताया था। लेकिन योजनाकार इस प्रोजेक्ट की लागत पर सवाल उठा रहे हैं और पूछ रहे हैं कि क्या लोगों को महामारी के बाद एक सीमित स्थान में रहने के लिए तैयार किया जाएगा।
50 साल में बनकर तैयार होंगी इमारतें : साइडवे स्काईस्क्रैपर ‘मिरर लाइन’ एक रेगिस्तानी शहर ‘निओम’ का हिस्सा होगी और इसमें दो 1600 फीट ऊंची दो इमारतें शामिल होंगी जो रेगिस्तान में एक-दूसरे के समांतर होंगी और इनके निर्माण में 50 साल का वक्त लगेगा। ये इतनी लंबी होंगी कि इंजीनियरों को पृथ्वी की वक्रता को ध्यान में रखते हुए स्ट्रट्स की जरूरत होगी और इसकी अपनी हाई-स्पीड रेलवे लाइन होगी। वॉल स्ट्रीट जर्नल ने बताया कि विशालकाय प्रोजेक्ट देश के पश्चिम में अकाबा की खाड़ी से एक पर्वत श्रृंखला और एक रेगिस्तान से होकर गुजरेगा।
इमारत में होंगे घर और खेत : इस इमारत में एक से दूसरे छोर तक जाने में 20 मिनट का समय लगेगा और इसे रिन्यूएबल एनर्जी से संचालित किया जाएगा। इसमें मीलों की हरियाली और घर और खेत भी होंगे जिनसे 50 लाख लोगों को भोजन मिल सकेगा। यहां रहने वाले लोगों को तीन वक्त के खाने के लिए इमारत का सब्सक्रिप्शन लेना होगा। प्रिंस एमबीएस ने कहा कि इमारत कार्बन न्यूट्रल होगी और इसका अपना स्टेडियम जमीन से 1,000 फीट ऊपर होगा।
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