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7 फूड और ड्रिंक दस्त को रोकते हैं, जानें डायरिया में डिहाइड्रेशन से कैसे बचें, क्या खाएं, क्या न खाएं


डायरिया यानी दस्त होने पर बिना मसाले वाला हल्का भोजन करना चाहिए। इससे डायरिया जल्दी ठीक हो सकता है। चावल का मांड, नारियल पानी, नींबू पानी, उबली सब्जियां, दही या छाछ, सेब, केला जैसे लाइट फूड खाने से पाचन क्रिया बेहतर होती है, डिहाइड्रेशन कम होता है, पेट को ठंडक मिलती है और दस्त कम होते हैं। शरीर में पानी की कमी न हो इसके लिए पानी और इलेक्ट्रोलाइट युक्त ड्रिंक पीना चाहिए।
आर्टिकल में इस्तेमाल की गई सभी तस्वीरें सांकेतिक हैं – बार-बार दस्त या डायरिया होने पर शरीर में डिहाइड्रेशन यानी पानी की कमी का खतरा बढ़ जाता है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) के अनुसार, दस्त होने पर, शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरा करना जरूरी है। इसके लिए खूब पानी और इलेक्ट्रोलाइट युक्त ड्रिंक पिएं जैसे सूप और स्पोर्ट्स ड्रिंक।
दस्त के दौरान, कुछ फूड पाचन तंत्र को ठीक करने में मदद करते हैं, लेकिन कुछ फूड दस्त के लक्षणों को बढ़ा सकते हैं। डायरिया होने पर तला-भुना मसालेदार भोजन, रेड मीट, कच्ची सब्जियां, दूध, खट्टे फल, कॉफी, सोडा, शराब आदि से परहेज करें।
डायरिया क्या है? – डायरिया यानी दस्त ऐसी पाचन स्थिति है जिसमें व्यक्ति को दिन में तीन या उससे अधिक बार पतला, पानी जैसा मल आता है। इसका समय पर उपचार बेहद जरूरी है। बार-बार दस्त होने से शरीर में डिहाइड्रेशन यानी पानी की कमी का खतरा बढ़ जाता है। डिहाइड्रेशन से बचने के लिए खूब पानी और इलेक्ट्रोलाइट युक्त ड्रिंक पीना फायदेमंद है।डायरिया दूषित भोजन या पानी, पाचन संबंधी समस्याओं, आंतों में वायरस या बैक्टीरिया के संक्रमण और दवाओं के दुष्प्रभाव के कारण होता है। जब आंतें पानी को ठीक से अवशोषित नहीं कर पातीं तो मल पतला और तरल हो जाता है। लगातार दस्त होने से शरीर में पानी की कमी हो सकती है इसलिए समय पर इलाज कराना चाहिए।
डायरिया क्यों होता है ?
डायरिया में डिहाइड्रेशन से कैसे बचें
डायरिया में डिहाइड्रेशन से कैसे बचें
सफाई का अभाव, कमजोर इम्यूनिटी और सफर के दौरान दूषित पानी या भोजन के कारण आमतौर पर दस्त होने लगते हैं। वयस्कों के मुकाबले बच्चों की सेहत पर दस्त का ज्यादा बुरा प्रभाव पड़ता है। नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों में दस्त विशेष रूप से खतरनाक होते हैं और एक-दो दिन में ही गंभीर डिहाइड्रेशन का कारण बन सकते हैं। डिहाइड्रेशन की स्थिति में यदि बच्चे का समय पर इलाज न किया जाए, तो उसकी जान को खतरा हो सकता है।
यदि रोगी को लंबे समय से दस्त की समस्या है, तो हम उसे कुछ फूड और ड्रिंक से परहेज करने की सलाह देते हैं जैसे दूध और दूध से बने उत्पाद, तली-भुनी मसालेदार चीजें, पैकेड फूड, शराब, चाय, कॉफी और शुगरी ड्रिंक्स।
डायरिया के लक्षण क्या हैं?
वयस्कों और बच्चों में डायरिया के ये समान लक्षण दिखाई देते हैं-
दिन में तीन या उससे अधिक बार पानी जैसा पतला मल आना
पेट में ऐंठन या दर्द
मल त्याग पर नियंत्रण न रहना
जी मिचलाना, उल्टी करना
मल में खून
बुखार और ठंड लगना
चक्कर आना
डायरिया रोकने वाले फूड और ड्रिंक
डायरिया होने पर हम रोगी को निम्नलिखित फूड और ड्रिंक लेने की सलाह देते हैं-
चावल का पानी यानी मांड- चावल का मांड खाने से पाचन क्रिया बेहतर होती है और शरीर का तापमान संतुलित रहता है। चावल का मांड में नींबू, नमक, काली मिर्च और जीरा पाउडर मिलाया जा सकता है।
ताजा दही या छाछ- ये प्रोबायोटिक्स के बेहतरीन स्रोत हैं, जो आंतों के इन्फेक्शन से लड़ने और पेट को शांत करने में मदद करते हैं। दही में मौजूद लैक्टोबैसिलस बैक्टीरिया दस्त को रोकने में सहायक हैं। दही या छाछ के सेवन से पाचन सुधरता है, डिहाइड्रेशन कम होता है और पेट को ठंडक मिलती है।
उबली सब्जियां- दस्त में उबली सब्जियां खाना बहुत फायदेमंद होता है। ये आसानी से पच जाती हैं, जिससे पाचन तंत्र पर जोर कम पड़ता है। दस्त में लौकी, कद्दू और उबले आलू खाएं।
डायरिया होने पर ताजा नारियल पानी पिएं
डायरिया होने पर ताजा नारियल पानी पिएं
ताजा नारियल पानी- टेंडर कोकोनट वाटर यानी कच्चे नारियल का ताजा पानी पीने से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स, पोटेशियम, सोडियम, मैग्नीशियम जैसे मिनरल की पूर्ति होती है। आंतों के इन्फेक्शन से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
नींबू पानी- दस्त में नमक और चीनी मिला नींबू पानी पीना बहुत फायदेमंद होता है। इससे शरीर में पानी की कमी को दूर किया जा सकता है, खोए हुए इलेक्ट्रोलाइट्स को संतुलित किया जा सकता है। नींबू पानी आंतों के इन्फेक्शन से लड़ने में मदद करता है। ये पेट के दर्द और ऐंठन को कम करने में भी सहायक है।
डायरिया रोकने के लिए केला खाएं – केला- दस्त में केला खाना एक बेहतरीन घरेलू उपायों में से एक है। केला आसानी से पचता है और आंतों की जलन कम करता है। पके केले में मौजूद पोटेशियम शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की भरपाई करता है। इसमें मौजूद पेक्टिन फाइबर मल को सख्त बनाने में मदद करता है।
सेब- दस्त में बिना छिलके वाला पका हुआ सेब या सेब की चटनी खाना फायदेमंद है। सेब में पेक्टिन होता है जो मल को बांधने में मदद करता है।
डायरिया से बचने के लिए क्या करें ? – डायरिया से बचने के लिए सफाई सबसे जरूरी है। साफ पानी पिएं और ताजा भोजन खाएं। खाना खाने से पहले और शौचालय के बाद साबुन से हाथ धोएं। सड़क पर खुले में रखी हुई चीजें न खाएं। सफर के दौरान खाना घर से ले जाएं या उसकी जांच कर लें।