
भारत सरकार ने पासपोर्ट सिस्टम में बड़ा बदलाव किया है। अब मई 2025 से ई-पासपोर्ट जारी होंगे। ये नए पासपोर्ट ज्यादा सुरक्षित हैं और इनमें रेडियो फ्रिक्वेसी आइंडेटिफिकेशन चिप लगी है।
भारत सरकार ने पासपोर्ट सिस्टम में बड़ा बदलाव करते हुए नई जनरेशन के पासपोर्ट सिस्टम की शुरुआत की है। मई 2025 के बाद से जो भी नए पासपोर्ट जारी हो रहे हैं वो सब ई-पासपोर्ट हैं। धीरे-धीरे सारे सिस्टम को ई-पासपोर्ट पर शिफ्ट करने की तैयारी है। हालांकि अगले 10 साल, यानी 2035 तक पुराने पासपोर्ट भी एक्सपायरी डेट तक पूरी तरह वैध रहेंगे।
न सिर्फ सुरक्षित बल्कि हासिल करना भी आसान – विदेश मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि नया पासपोर्ट ना सिर्फ ज्यादा सुरक्षित है, बल्कि इसे हासिल करना भी ज्यादा आसान है। बताया गया कि हर लोकसभा क्षेत्र में पासपोर्ट सेवा केंद्र खुलेगा। अभी 543 में से 32 लोकसभा केंद्र ऐसे हैं जहां पासपोर्ट सेवा केंद्र नहीं है। विदेश मंत्रालय ने अब तक 80 लाख ई-पासपोर्ट घरेलू स्तर पर, 60 हजार बाहर भारत के मिशन के जरिए जारी किए हैं।
ई-पासपोर्ट की क्या खासियत है? – ई-पासपोर्ट में रेडियो फ्रिक्वेसी आइंडेटिफिकेशन चिप लगी हुई है। ये माइक्रोचिप निजी और बायोमीट्रिक डेटा को सुरक्षित तरीके से संभाल सकती है। इसमे स्टोर डेटा को इमीग्रेशन काउंटर पर ज्यादा विश्वसनीयता और तेजी के साथ देखा जा सकेगा। मतलब इस चिप को एंट्री काउंटर की टच स्क्रीन पर लगाना होगा, फिर वहां बैठे अधिकारी के लिए हर ब्योरे के मिलान की जरूरत नहीं होगी।
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