
दक्षिण अफ्रीका के ओपनर डीन एल्गर ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। भारत के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले एल्गर ने यह ऐलान कर दिया था। केपटाउन टेस्ट उनके करियर का आखिरी मुकाबला था। हालांकि, रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि साउथ अफ्रीका के कोच शुक्री कॉनराड एल्गर को टीम में नहीं रखना चाहते थे। एक अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, एल्गर का सीरीज के बाद संन्यास लेने का कोई इरादा नहीं था।
एल्गर को करना पड़ा समझौता – डीन एल्गर को कोच टीम में शामिल करने के लिए तैयार नहीं थे। इसके बाद उन्होंने कोच शुक्री के सामने ऑफर रखा। इसमें एल्गर ने कहा कि क्या उन्हें घरेलू फैंस के सामने अपनी अंतिम सीरीज खेलने का मौका मिल जाएगा? भारत के खिलाफ सीरीज में खेलने के लिए एल्गर ने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कर दिया। शुक्री कॉनराड के कोच बनने के बाद एल्गर को कप्तानी से हटना पड़ा था।
पहले टेस्ट में ठोके 185 रन – एल्गर काफी अच्छी फॉर्म में थे। साउथ अफ्रीका की फोर-डे सीरीज में दो शतक के साथ उनका औसत 60 से ज्यादा था। पहले टेस्ट में भी उन्होंने शानदार 185 रन बनाए थे, जिससे दक्षिण अफ्रीका को पारी की जीत मिली थी। पहले टेस्ट में तेंबा बावुमा के चोटिल होने के बाद एल्गर ने आखिरी टेस्ट में टीम की कप्तानी भी की थी। हालांकि, वो दूसरे टेस्ट में कम रन बना सके और भारत ने दो दिन के अंदर ही सात विकेट से जीत दर्ज कर सीरीज बराबर कर ली।
अखबार के सूत्रों के मुताबिक, कुछ सीनियर खिलाड़ी चाहते थे कि एल्गर अपने फैसले पर दोबारा सोचें। लेकिन वो इस व्यवहार से नाखुश थे और अपने संन्यास के फैसले पर अडिग रहे। शुक्रवार को उन्होंने इंग्लिश काउंटी क्लब एसेक्स के साथ तीन साल का कॉन्ट्रैक्ट साइन किया।
Home / Sports / साउथ अफ्रीका क्रिकेट में बवाल, संन्यास नहीं लेना चाहते थे डीन एल्गर, मजबूरी में करना पड़ा फैसला
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