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अफगानिस्तान में तालिबान ने जिंदा लोगों और जानवरों की तस्वीरें खींचने पर लगाया बैन


अफगानिस्तान में तालिबान राज में अक्सर महिलाओं और अल्पसंख्यकों पर नए-नए प्रतिबंध लगते रहते हैं। लेकिन अब तालिबान ने एक अनोखा आदेश जारी किया है, जिसके तहत उन्होंने जीवित इंसानों और जानवरों की तस्वीर लेने पर प्रतिबंध लगा दिया है। कंधार में तालिबान सरकार ने सैन्य और नागरिक अधिकारियों को आदेश जारी करते हुए कहा कि जीवित लोगों और जानवरों की तस्वीरें लेना गलत है। फरमान को लेकर तालिबान ने तर्क दिया है कि इस्लामिक कानून में इंसानों और जानवरों की तस्वीरें लेना प्रतिबंधित है।
इस बारे में पूछे जाने पर कंधार के राज्यपाल के प्रवक्ता ने कहा है कि यह सिर्फ सरकारी अधिकारियों पर ही लागू होगा।तालिबान द्वारा जारी आदेश पत्र में कहा गया कि अगर जीवित लोगों की तस्वीरें ली जाती हैं तो उन्हें अन्य वस्तुओं की तुलना में अधिक नुकसान होता है ऐसे में किसी भी औपचारिक या अनौपचारिक सम्मेलन, बैठक या कार्यक्रम में लोगों की तस्वीरें नहीं ली जानी चाहिए। फोटो खींचने से निर्जीव वस्तुओं की तुलना में उन्हें अधिक नुकसान होता है। यह नियम सरकारी आयोजनों पर भी लागू होगा और किसी भी बैठक आदि में तस्वीरें नहीं ली जाएंगी। हालांकि, इन बैठकों के बारे में लिखित और ऑडियो रिपोर्ट उपलब्ध कराई जा सकती हैं।
तालिबान मीडिया संस्थानों को भी ब्लॉक कर रहा है, लेकिन विदेशी नेताओं की तस्वीरें साझा कर रहा है। इतना ही नहीं, करीब ढाई साल पहले सत्ता में लौटने के बाद तालिबान ने कई मीडिया संस्थानों को जीवित लोगों की तस्वीरें इस्तेमाल करने से रोक दिया है। हालांकि, तालिबान के शीर्ष अधिकारी ने खुद दूसरे देशों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की तस्वीरें साझा करते रहे हैं।
प्रवक्ता महमूद आजम ने कहा, ‘यह फैसला आम लोगों और स्वतंत्र मीडिया के लिए नहीं है।’ बता दें कि इससे पहले भी साल 1996 से 2001 के बीच अफगानिस्तान में तालिबान सत्ता में था। तब भी कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन ने जीवित लोगों की तस्वीरें लेने और वीडियो बनाने पर प्रतिबंध लगा दिया था। तालिबान ने कहा कि यदि कोई ऐसा करता है तो उसे रोका जाए और अधिकारी ऐसा करना सुनिश्चित करें। बता दें कि कंधार वो जगह है जहां से तालिबान की शुरुआत हुई थी। साल 2021 में अमेरिका के जाने के बाद इस कट्टरपंथी संगठन ने अफगानिस्तान में अपनी सरकार बना ली है।