
पाकिस्तान में आतंकवादी हमलों में वृद्धि के बीच, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बुधवार को कहा कि उनकी सरकार सीमा पार आतंकवाद के किसी भी कृत्य को बर्दाश्त नहीं करेगी और उनका देश अपने सभी पड़ोसियों के साथ शांति से रहना चाहता है। प्रधानमंत्री शरीफ ने नयी सरकार के सत्ता में आने के बाद से आतंकवाद से निपटने के उद्देश्य से गठित एक शीर्ष समिति की पहली बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद के किसी भी कृत्य को सहन नहीं करेगा। किसी भी देश का नाम लिए बिना, उन्होंने कहा कि उनका देश ‘‘किसी भी परिस्थिति में” पड़ोसी देशों से सीमा पार आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान सभी पड़ोसियों के साथ शांति से रहना चाहता है और उनसे आग्रह किया है कि वे पाकिस्तान के साथ मिलकर आतंकवाद के खिलाफ एक योजना तैयार करें और ‘‘इसे खत्म करने की दिशा में ईमानदारी से काम करें।” उन्होंने कहा, ‘‘हम अपने पड़ोसी भाइयों के साथ बहुत शांतिपूर्ण माहौल में रहना चाहते हैं। व्यापार करना चाहते हैं और अपने संबंधों का विस्तार करना चाहते हैं लेकिन दुर्भाग्य से, अगर किसी पड़ोसी की जमीन का इस्तेमाल आतंकवाद के लिए किया जाता है, तो इसे सहन नहीं किया जायेगा।”
शरीफ ने यह भी उम्मीद जताई कि ‘‘हमारा पड़ोसी देश मेरे निमंत्रण पर गंभीरतापूर्वक विचार करेगा।” वर्ष 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान के सरकार संभालने के बाद से पाकिस्तान में आतंकवाद की घटनाओं में वृद्धि हुई है। थिंक टैंक ‘सेंटर फॉर रिसर्च एंड सिक्योरिटी स्टडीज’ द्वारा जारी वार्षिक सुरक्षा रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में 2023 में 789 आतंकवादी हमलों और आतंकवाद विरोधी अभियानों में 1,524 हिंसा से संबंधित मौतें हुईं और 1,463 घायल हुए, जो छह साल में सबसे अधिक संख्या है।
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