
180 विकेट 212 आईपीएल मैचों में ले चुके हैं रविचंद्रन अश्विन का मानना है कि इम्पैक्ट प्लेयर नियम से रणनीति की अहमियत बढ़ती है। यह नए प्रयोग के लिए मौका है और इससे खेल निष्पक्ष बनता है। चलिए जरा इम्पैक्ट प्लेयर रूल पर दिए गए अश्विन के बयान और उसके मायनों को डिकोड करने की कोशिश करते हैं।
टेस्ट क्रिकेट के नंबर-1 बोलर ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन का मानना है कि आईपीएल में इम्पैक्ट प्लेयर के नियम ने खेल को निष्पक्ष बनाया है और इससे रणनीति का महत्व बढ़ा है। आईपीएल 2023 में इम्पैक्ट प्लेयर का नियम लागू किया गया था, जिसको लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया मिली। विराट कोहली ने पिछले सीजन में कहा था कि इससे खेल का संतुलन बिगड़ा है जबकि भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने स्वीकार किया था कि वह इस नियम के बड़े प्रशंसक नहीं हैं। जुलाई में आईपीएल के टीम मालिक और भारतीय क्रिकेट बोर्ड के अधिकारियों के बीच बैठक के दौरान इम्पैक्ट प्लेयर को लेकर टीम एकमत नहीं थी। इस नियम में सभी टीमें अपनी पारी के दौरान एक खिलाड़ी (बल्लेबाज या गेंदबाज) को सब्स्टीट्यूट कर सकती हैं।
एक्स्ट्रा बैटर को भी मौका – अश्विन ने कहा कि ओस होने पर इस नियम से खेल में संतुलन लाया जा सकता है। इस दिग्गज ऑफ स्पिनर ने कहा, ‘जब ओस के कारण मैच एकतरफा हो जाते हैं तो बाद में गेंदबाजी करने वाली टीम के पास जवाब में अतिरिक्त विकल्प रहता है। अगर आप बाद में बल्लेबाजी कर रहे हैं तो अतिरिक्त गेंदबाज की जगह बल्लेबाज को उतारा जा सकता है। इससे शाहबाज अहमद, शिवम दुबे, ध्रुव जुरेल जैसे खिलाड़ियों को मौके मिले हैं।’ अश्विन ने पिछले सीजन क्वॉलिफायर-2 मैच में सनराइजर्स हैदराबाद के इम्पैक्ट प्लेयर रहे शाहबाज अहमद का उदाहरण देते हुए कहा, ‘सनराइजर्स ने 175/9 का स्कोर बनाने के बाद शाहबाज को इम्पैक्ट प्लेयर बनाकर उतारा और वह तीन विकेट लेते हुए उनके लिए मैच विनर साबित हुए।’
जहीर को भी पसंद है नियम – लखनऊ सुपर जायंट्स के नवनियुक्त मेंटॉर जहीर खान ने आईपीएल में इम्पैक्ट प्लेयर के नियम को बरकरार रखने की सिफारिश की है। इस पूर्व पेसर का मानना है कि इससे भारतीय क्रिकेट में काफी सुधार होगा। जहीर ने कहा, ‘इम्पैक्ट प्लेयर नियम को लेकर काफी चर्चा हुई है। मेरा मानना है कि इस नियम को बरकरार रखा जाना चाहिए।’ जहीर का मानना है कि इससे भारत के युवा खिलाड़ियों को काफी मौके मिलेंगे। उन्होंने कहा, ‘इससे निश्चित तौर पर भारत के युवा खिलाड़ियों को मौके मिलेंगे। आपको मेगा नीलामी में इसका असर देखने को मिलेगा जब फ्रेंचाइजी टीमों की निगाहें इस तरह के खिलाड़ियों पर होगी।’ इस तेज गेंदबाज ने कहा, ‘युवा खिलाड़ियों को इस तरह के मौके मिलने से भविष्य में भारतीय क्रिकेट में काफी सुधार होगा। मैच प्रैक्टिस का कोई सानी नहीं होता है और यह इस नियम का सबसे बड़ा सकारात्मक पहलू है।’
फायदा बैटर्स को ज्यादा – इम्पैक्ट प्लेयर रूल को लेकर आम सहमति अभी नहीं है। कई खिलाड़ियों का मानना है कि इस नियम की वजह से ऑलराउंडर्स की भूमिका प्लेइंग इलेवन में कम हुई है। यह नियम अभी नया है और इसका खेल पर क्या असर पड़ रहा है वह कुछ सीजन के खेल के बाद ही साफ हो पाएगा। आईपीएल के पिछले सीजन में यही दिखा कि इस नियम ने बल्लेबाजों को और भी खुलकर खेलने का मौका दिया। बैटिंग में गहराई ने बल्लेबाजों को बेखौफ बैटिंग का टिकट दे दिया और टीमों ने कई बार 250 प्लस का टोटल खड़ा किया। अगले सीजन टीमें कुछ नई रणनीति के साथ आएंगी तो शायद इस नियम के कुछ नए फायदे भी नजर आ जाएं।
Home / Sports / IPL इम्पैक्ट प्लेयर रूल में किसे फायदा, क्यों सपोर्ट में उतरे अश्विन? समझें नियमों का पूरा गणित
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