
बांग्लादेश में एक नया राजनीतिक संकट शुरू हो गया है। बांग्लादेश के राष्ट्रपति को सच बोलना भारी पड़ता दिख रहा है। दरअसल राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने कहा था कि उन्हें शेख हसीना का इस्तीफा नहीं मिला है। उनके इस बयान के बाद उन्हें हटाने को लेकर बातचीत शुरू हो गई है।
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने बुधवार को कहा कि वह राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन के संबंध में फैसला करने के लिए ‘सभी पक्षों से परामर्श’ कर रही है। वहीं, शेख हसीना के इस्तीफे पर सवाल उठाने वाली टिप्पणी को लेकर राष्ट्रपति शहाबुद्दीन को पद से हटाने की मांग के साथ विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर अधिकारियों ने राष्ट्रपति के आवास के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है। मंगलवार को सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास बंगभवन पर धावा बोलने की कोशिश की और शहाबुद्दीन के इस्तीफे की मांग की।
शहाबुद्दीन ने पिछले सप्ताह बांग्ला दैनिक ‘मनाब जमीन’ के साथ एक साक्षात्कार में कहा था कि उनके पास इस बात का कोई दस्तावेजी सबूत नहीं है कि शेख हसीना ने अगस्त में छात्रों के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बीच देश से चले जाने से पहले प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। ‘डेली स्टार’ समाचारपत्र ने मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस के प्रेस सचिव शफीकुल आलम के हवाले से कहा, ‘अंतरिम सरकार ने राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन को पद से हटाने के बारे में कोई निर्णय नहीं लिया है।’
राष्ट्रपति भवन में घुसपैठ की कोशिश – मीडिया की खबरों के अनुसार, अंतरिम कैबिनेट इस सप्ताह इस मुद्दे पर चर्चा कर सकती है। बुधवार को जमुना स्थित राजकीय अतिथिगृह में मुख्य सलाहकार यूनुस और खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई बैठक के बाद शफीकुल ने संवाददाताओं से कहा, ‘हम आपको इस मामले से संबंधित किसी भी घटनाक्रम की जानकारी देंगे।’
कल देर रात राष्ट्रपति भवन में घुसपैठ की कोशिश और पुलिस के साथ हिंसक झड़पों के बाद, अधिकारियों ने आगे ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा बढ़ा दी है। शफीकुल ने संवाददाताओं से कहा, ‘हमने बंगभवन की सुरक्षा बढ़ा दी है।’ पत्रकारों के साथ एक अलग बातचीत में सूचना सलाहकार नाहिद इस्लाम ने कहा कि राष्ट्रपति शहाबुद्दीन के बारे में कोई भी निर्णय कानूनी या संवैधानिक प्रक्रियाओं का पालन करने के बजाय राजनीतिक सहमति और राष्ट्रीय एकता के माध्यम से लिया जा सकता है।
राष्ट्रपति को हटाने की तैयारी – अखबार ने उनके हवाले से कहा, ‘बंगभवन और अन्य जगहों पर प्रदर्शन करने की कोई आवश्यकता नहीं है। हमें लोगों का संदेश मिल गया है और चर्चा के माध्यम से निर्णय लिया जाना चाहिए।’ इस्लाम ने कहा कि अंतरिम सरकार ‘सभी हितधारकों से परामर्श कर रही है और इस संबंध में चर्चा के बाद कोई निर्णय लिया जा सकता है… राष्ट्रपति पद पर बने रहेंगे या नहीं, यह वर्तमान में कोई कानूनी या संवैधानिक प्रश्न नहीं है। यह एक राजनीतिक निर्णय है। निर्णय लेने के लिए हम राज्य में स्थिरता, सुरक्षा और अनुशासन को प्राथमिकता दे रहे हैं।’
विरोध प्रदर्शन को लेकर अलर्ट – इस बीच, बंगभवन के मुख्य द्वार पर बैरिकेड के साथ-साथ कंटीले तारों की बाड़ लगाई गई है, जबकि एपीबीएन (सशस्त्र पुलिस बटालियन), बीजीबी (बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश), पुलिस और सेना के जवानों को इलाके के चारों ओर सशस्त्र चौकियों पर तैनात किया गया है। अखबार ने बताया कि विरोध प्रदर्शन के और बढ़ने की स्थिति में बख्तरबंद कार्मिक वाहक (एपीसी), पानी की बौछारें और दंगा नियंत्रण वाहन भी तैयार रखे गए हैं। हालांकि, मंगलवार से बंगभवन के बाहर विभिन्न समूहों द्वारा प्रदर्शन किए जाने के कारण तनाव बना हुआ है।
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