
लड़ाकू विमान बनाने के क्षेत्र में एविएशन इंडस्ट्री कॉर्पोरेशन ऑफ चाइना (AVIC) का चेंगदू एयरक्राफ्ट डिजाइन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, जिसका कोडनेम 611 इंस्टीट्यूट है, वो एक प्रतिष्ठित नाम है। इसने चेंगदू J-7 (फिशकैन), JF-17 थंडर, चेंगदू J-10 (वाइगोरस ड्रैगन/फायरबर्ड) और चेंगदू J-20 (माइटी ड्रैगन) जैसे अलग अलग क्षमताओं वाले जेट बनाए हैं।
चीन ने करीब 50 साल पहले एक फाइटर जेट बनाया था। इस अफवाह के बारे में लोगों ने सुना तो था लेकिन अभी तक किसी ने इसकी कोई तस्वीर तक नहीं देखी थी। 50 सालों से इस फाइटर जेट को लेकर एक सस्पेंस बना था। लेकिन अब करीब 5 दशकों से ज्यादा के रहस्य और सादिशों के बाद आखिरकार चीन ने अपने ‘भुतिया विमान’ से पर्दा हटा दिया है। इस फाइटर जेट का कोडनाम J-9 है, जिसके बारे में 50 सालों से कहानियां सुनाई जा रही थीं। हालांकि उसने कभी उड़ान तो नहीं भरी, लेकिन ये चीन के 4.5-पीढ़ी के J-10C फाइटर जेट और पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ लड़ाकू विमान J-20 माइटी ड्रैगन का आत्मा बन गया। चीन के ये दोनों विमान हालिया समय में लगातार चर्चा में रहे हैं। जे-20 अकसर ताइवान, फिलीपींस और त्सुशिमा जलडमरूमध्य में मंडराते रहते हैं, जबिक पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ जे-10सी का इस्तेमाल किया था।
चीन ने पहली बार आधिकारिक तौर पर पुष्टि करते हुए कहा है ना सिर्फ J-9 सालों से मौजूद था, बल्कि जे-10सी और जे-20 को बनाने में J-9 एयरक्राफ्ट ने ही मदद की थी। इस विमान का निर्माण उस वक्त किए जाने की बात की गई थी जब दुनिया अमेरिका और तत्कालीन सोवियत संघ के बीच चल रहे शीत युद्ध में फंसी हुई थी और चीन, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के लिए तरस रहा था। उस वक्त 300 वैज्ञानिकों से भरे एक ट्रेन की काफी ज्यादा चर्चा की गई थी।
Home / News / सीक्रेट ट्रेन, 300 वैज्ञानिक, 50 साल पुराना मिशन… चीन के भुतिया फाइटर जेट J-9 का खुला राज, J-20, J-10C में बसी है आत्मा
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