
भारत और इजरायल पिछले कुछ वर्षों में एक दूसरे के भरोसेमंद साझेदार बनकर उभरे हैं। दोनों एक दूसरे के कठिन मौकों पर साथ खड़े रहे हैं, लेकिन अब इनकी दोस्ती के लिए एक बड़ा खतरा उभरकर सामने आ रहा है।
भारत और इजरायल की दोस्ती पिछले कुछ वर्षों में बहुत मजबूत बनकर उभरी है। इसी साल मई में पाकिस्तान के खिलाफ भारत के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इजरायल ने नई दिल्ली को खुला समर्थन दिया था। भारत भी इजरायल को समर्थन देने में पीछे नहीं रही है। नई दिल्ली ने गाजा में युद्ध के चलते इजरायल के राजनीतिक अलगाव का विरोध किया है। दोनों देशों ने एक मजबूत रक्षा साझेदारी बनाए रखी है। इजरायल भारत के सबसे बड़े हथियार आपूर्तिकर्ताओं में से एक है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल 2020 से 2024 के दौरान भारत की तीसरा सबसे बड़ा हथियार आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा है।
सिपरी की रिपोर्ट बताती है कि साल 2020 से 2024 के दौरान भारत के कुल हथियार आयात में इजरायल की हिस्सेदारी 13 प्रतिशत थी। इजरायली हथियारों के लिए बात करें तो भारत सबसे बड़ा गंत्वय था। 2020 से 2024 के बीच इजरायल के कुल हथियार निर्यात का 34 प्रतिशत भारत को भेजा गया, जो लगभग एक तिहाई है। लेकिन इस मजबूत रक्षा साझेदारी और आतंकवाद से लेकर कई मुद्दों पर तालमेल के बावजूद, भारत और इजरायल एक जगह विरोध में खड़े होते दिखाई दे रहे हैं।
Home / News / इजरायल और भारत की दोस्ती पर मंडराया बड़ा खतरा, पाकिस्तान का दोस्त देश डाल सकता है दरार, तुर्की नहीं है नाम
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