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कनाडा के सिख अधिकारी ने भारत पर ठोका मुकदमा, लगाया ये बड़ा आरोप


कनाडा में पहली बार ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें ब्रिटिश कोलंबिया के एक सिख निवासी और लंबे समय से कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी (CBSA) में सुपरिंटेंडेंट के पद पर कार्यरत अधिकारी ने भारत सरकार के खिलाफ ओंटारियो सुपीरियर कोर्ट में मुकदमा दायर किया है। उनका आरोप है कि भारत से जुड़े एक ‘राज्य-प्रायोजित दुष्प्रचार अभियान’ ने उनकी छवि को पूरी तरह धूमिल कर दिया और उन्हें एक सम्मानित अधिकारी से भगोड़े आतंकी के रूप में पेश कर दिया।
मीडिया ने खतरनाक आतंकी के तौर पर दिखायाः सिद्दू – संदीप सिंह सिद्धू की ओर से यह मुकदमा 2 दिसंबर को दायर किया गया, जिसमें दावा किया गया है कि भारत की ‘डिसइनफॉर्मेशन कैंपेन’ के कारण भारतीय मीडिया ने पिछले साल अक्टूबर से उन्हें ‘कनाडाई सरकार के पेरोल पर काम करने वाले खतरनाक आतंकी’ के तौर पर दिखाना शुरू कर दिया। सिद्धू के वकील जेफ्री क्रोकर ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि यह दुष्प्रचार सिर्फ इंटरनेट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उनके पड़ोस, कार्यस्थल और परिवार तक पहुंच गया। उनके परिवार को घर छोड़ना पड़ा, और उनकी बेटी के स्कूल को भी डर था कि कहीं यह खतरा वहां तक न पहुंच जाए।
सिद्धू की क्या जिम्मेदारी है? – करीब दो दशक तक CBSA में सेवा देने वाले सिद्धू सुपरिंटेंडेंट पद तक पहुंचे थे, जहां उनका काम सीमा कानूनों को लागू करना, अग्रिम पंक्ति के अधिकारियों की निगरानी करना, संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेना और अवैध सामान को रोकना शामिल था। लेकिन अक्टूबर 2024 में भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दिए गए आरोपों के आधार पर भारतीय मीडिया ने सिद्धू को प्रतिबंधित इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन (ISYF) का सदस्य, ‘कथित भगोड़ा आतंकी, पाकिस्तान से जुड़े खालिस्तानी ऑपरेटर और 2020 में शौर्य चक्र प्राप्त बलविंदर सिंह संधू की हत्या का मास्टरमाइंड’ बताना शुरू कर दिया।
सिद्धू ने सभी आरोपों को खारिज किया है – संधू हत्या मामले की सुनवाई के दौरान NIA ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि संधू की हत्या खालिस्तान विरोधी आवाज़ों को खत्म करने की साजिश का हिस्सा थी और यह खालिस्तान समर्थक आंदोलन को दोबारा खड़ा करने के बड़े प्रयास का हिस्सा है। सिद्धू ने इन सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि वे कभी पाकिस्तान नहीं गए, किसी आतंकी संगठन से संपर्क नहीं किया और न ही संधू की हत्या से जुड़े किसी व्यक्ति से उनका कोई संबंध रहा।