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एशेज टेस्ट के बीच नाथन लियोन ने रचा इतिहास, सिर्फ दो विकेट लेते ही दिग्गज गेंदबाज को पछाड़ा


एडिलेड ओवल में इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे एशेज टेस्ट के दूसरे दिन नाथन लियोन ने अपने टेस्ट करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक को अपने नाम कर लिया। उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए दिग्गज तेज गेंदबाज ग्लेन मैकग्रा के 563 टेस्ट विकेटों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। लियोन ने पहले ओली पोप को पवेलियन भेजकर मैकग्रा की बराबरी की और फिर बेन डकेट का विकेट लेकर उन्हें पछाड़ दिया। अब 564 विकेटों के साथ लियोन टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में दुनिया के छठे सबसे सफल गेंदबाज बन गए हैं। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से अब उनसे आगे केवल महान लेग स्पिनर शेन वार्न (708 विकेट) ही मौजूद हैं।
मैच का बदलता रुख और लियोन की अहमियत – इस मुकाबले में लियोन का यह प्रदर्शन उस वक्त आया जब इंग्लैंड की टीम ऑस्ट्रेलिया के 371 रनों के जवाब में काफी संभलती हुई दिख रही थी। इंग्लैंड ने 41/1 के स्कोर के साथ ठोस शुरुआत की थी, लेकिन लियोन के इन दो महत्वपूर्ण विकेटों ने मैच का रुख पूरी तरह से ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में मोड़ दिया और इंग्लैंड की लय बिगाड़ दी। दूसरे टेस्ट में टीम से बाहर रखे जाने के बाद लियोन ने एडिलेड में अपनी फिरकी का जादू दिखाकर एक बार फिर यह साबित कर दिया कि वह ऑस्ट्रेलियाई टीम का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
क्यूरेटर से क्रिकेट लेजेंड तक का सफर – नाथन लियोन की क्रिकेट यात्रा किसी फिल्मी कहानी जैसी रही है। साल 2011 में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू करने वाले लियोन ने अपने पहले ही ओवर में कुमार संगकारा जैसे महान बल्लेबाज को आउट कर अपनी क्षमता का परिचय दिया था। रोचक बात यह है कि 38 साल के लियोन क्रिकेट में नाम कमाने से पहले एडिलेड ओवल के इसी मैदान पर क्यूरेटर के तौर पर काम करते थे, जहां उनकी जिम्मेदारी पिच तैयार करने और मैदान की देखरेख करने की थी। आज वही लियोन एडिलेड ओवल के इस ऐतिहासिक मैदान पर सबसे ज्यादा टेस्ट विकेट (65) लेने वाले गेंदबाज बन चुके हैं।
लियोन का यह प्रदर्शन उनकी निरंतरता, अनुभव और स्पिन गेंदबाजी के कौशल को दर्शाता है। एक ऐसे मैदान पर जहां वह कभी घास काटते थे, आज वहीं दुनिया के सबसे सफल गेंदबाजों की फेहरिस्त में शामिल होकर उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई है। उन्होंने यह साबित कर दिया कि वह आज भी दुनिया की किसी भी बल्लेबाजी लाइनअप के लिए एक बड़ा खतरा साबित हो सकते हैं और ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट टीम के सबसे भरोसेमंद मैच विनर हैं।