
भारतीय क्रिकेट टीम को साउथ अफ्रीका के हाथों केपटाउन टेस्ट में 72 रनों से हार का मुंह देखना पड़ा। तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में 1-0 से पिछड़ रही ‘विराट’ सेना जब शनिवार को सेंचुुरियन में होने वाले दूसरे टेस्ट में अफ्रीका का सामना करने उतरेगी तो उनके सामने सीरीज बचाने की बड़ी चुनाैती होगी। हालांकि विराट सेना के लिए यह मैच जीतना मुश्किल होगा क्योंकि अफ्रीका के तेज गेंदबाजों ने पहले टेस्ट में दिखा दिया है कि उनकी सरजमीं पर तेज रफ्तार जैसी गेंदों आैर बाउंसर से पार पाना किसी बल्लेबाज के लिए आसान नहीं है। वहीं दूसरी तरफ पुराने आंकड़ों पर नजर डालें तो वह भी अफ्रीका के ही पक्ष में हैं।
सेंचुुरियन में मिल चुकी है भारत को करारी हार
दूसरी बार ऐसा माैका आएगा जब सेंचुुरियन के मैदान पर भारत-अफ्रीका का आमना- सामना होगा। इससे पहले 16 दिसंबर 2010 को यहां दोनों टीमों के बीच मैच हुआ था, जिसमें भारत को एक पारी आैर 25 रनों से करारी हार का सामना करना पड़ा था। ऐसा नहीं था कि उस समय भारतीय टीम कमजोर थी। टीम में वीरेंद्र सहवाग, गाैतम गंभीर, सचिन तेंदुलकर आैर राहुल द्रविड़ जैसे बल्लेबाज माैजूद थे, लेकिन अफ्रीका की तेज गेंदबाजी के आगे वे सब बेबस नजर आए।
मैच का हाल यह रहा कि अफ्रीका ने 4 विकेट 620 रन बनाकर अपनी पहली पारी घोषित कर दी। महेंद्र सिंह धोनी की नेतृत्व में भारतीय टीम पहली पारी में 136 आैर दूसरी पारी में 449 रन ही बना सकी।
मैच हारा तो इतिहास रचने से चूक जाएगा भारत
भारत के लिए यह मुकाबला जीतना बेहद जरूरी है। अगर वह हार जाता तो वह सीरीज गंवाने के साथ-साथ अफ्रीका की धरती पर इतिहास रचने से चूक जाएगा। भारत ने 1992-93 से लेकर 2014 तक अफ्रीका की सरजमीं पर 6 टेस्ट सीरीज खेलीं, जिसमें वह एक भी नहीं जीत सका। हालांकि धोनी ने 2010-11 में हुई तीन टेस्ट मैचों की सीरीज पर कब्जा करने की उम्मीद जताई थी, लेकिन तीसरा टेस्ट ड्रा होेने के कारण सीरीज 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुई आैर भारतीय टीम अफ्रीका में पहली बार सीरीज जीतने से चूक गया।
अफ्रीका को हार नहीं पसंद
अफ्रीका को अपनी सरजमीं पर हार बिल्कुल भी पसंद नहीं है। पुराने आंकड़ों पर नजर दाैड़ाएं तो भारत ने अफ्रीका की सरजमीं पर अबतक 18 टेस्ट मैच खेले हैं। इसमें अफ्रीका ने 8 मैचों में जीत दर्ज की है, वहीं 2 मैच गंवाए आैर 8 ड्रा पर समाप्त हुए। वहीं सेंचुरियन में अफ्रीका के प्रदर्शन की बात करें तो उन्होंने यहां अबतक 22 अंतरराष्ट्रीय टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें उसने 20 मैच जीते, 2 हारे आैर 3 ड्रा रहे।
अगर जीतना है तो रहाणे को करना होगा शामिल
भारत को अगर जीतना है तो उसे प्लेइंग इलेवन में अजिंक्या रहाणे को शामिल करना होगा। रहाणे को पहले टेस्ट मैच में बाहर रखने का खामयाजा टीम को भुगतना भी पड़ा। उनकी जगह लेने वाले रोहित शर्मा पहली पारी में 11 आैर दूसरी में 10 रन ही बना सके। वहीं विदेशों में दोनों बल्लेबाजों की तुलना करें तो रहाणे का आैसत रोहित से बेहतर है। रोहित विदेशी धरती पर पूरी तरह से फेल साबित हुए हैं।
रोहित ने विदेश में खेले 15 मैचों में 25.11 की आैसत से 653 रन बनाए हैं, वहीं रहाणे ने 24 मैचों में 53.44 की आैसत से 1817 रन बनाए हैं। इसके अलावा रहाणे ने अफ्रीकी सरजमीं पर खेले 2 टेस्ट मैचों में 209 आैर रोहित ने 3 मैचों में कुल 66 रन बनाए हैं। खैर, अब देखना होगा कि क्या कप्तान विराट कोहली रहाणे को शामिल करके टीम को अधिक मजबूत बनाते हैं या फिर से रोहित को माैका देते हैं।
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