
इस्लामाबादः पाकिस्तान में 25 जुलाई को आम चुनाव होने वाले हैं जबकि इस समय पाक की आर्थिक हालत बेहद नाजुक हालत में है। इस बारे में वित्त मंत्रालय ने सोमवार को कार्यवाहक प्रधानमंत्री नसीरुल मुल्क को रिपोर्ट सौंपी। वित्त सचिव आरिफ अहमद खान ने इसमें चेताया कि अगर अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने मदद नहीं की, तो देश की बर्बादी तय है। देश की स्थिति आईएमएफ की मदद के बगैर दुरुस्त नहीं हो सकती।
वित्त मंत्रालय ने कार्यवाहक पीएम से अनुमति मांगी है, जिसके बाद जल्द से जल्द इस बारे में आईएमएफ से बातचीत शुरू की जाएगी। हालांकि, इस मसले पर कोई भी फैसला नए वित्त मंत्री के चुने जाने के बाद ही लिया जा सकेगा। पाकिस्तान की एेसी आर्थिक हालत बुरी तरह से कर्ज में डूबने के कारण हुई है।
डॉन अखबार के अनुसार, पाकिस्तान भुगतान संबंधी समस्या की वजह से पड़ोसी मुल्क चीन से 68 से 135 अरब रुपए का नया लोन लेने के बारे में सोच-विचार कर रहा है। पाकिस्तान की यह स्थिति दर्शाती है कि वह कैसे दूसरे देशों पर आश्रित है। पाकिस्तान इस वक्त चीन पर इसलिए भी अधिक निर्भर हो रहा है, क्योंकि अमरीका से होने वाली वित्तीय मदद में बीते कुछ समय में कटौती देखने को मिली है।
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