
वॉशिंगटनः अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अक्सर अपने विवादित बयानों को लेकर चर्चा में रहते है। इस बार अपने एक और बयान को लेकर सुर्खियों में है। दरअसल ट्रंप ने यौन उत्पीडऩ के खिलाफ चल रहे ‘मी टू’ अभियान का मजाक बनाते हुए कहा कि इस अभियान के तहत प्रेस द्वारा लागू किए जा रहे नियमों के कारण उन्हें खुद पर नियंत्रण रखना पड़ रहा है। ट्रंप ने ये बातें ऐसे वक्त में कही हैं जब राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप पर बीते वर्षों में कई महिलाओं ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। ट्रंप का कहना है कि यह पुरुषों के लिए एक भयावह दौर है जहां उनके खिलाफ बरसों पुराने आरोप निकलकर सामने आ रहे हैं। यह टिप्पणी उन्होंने ब्रेट कावानाह के संदर्भ में की थी।
वहीं केन्या यात्रा के दौरान एक इंटरव्यू में मेलानिया ने दुनियाभर में चल रहे #मीटू कैम्पेन को लेकर कहा कि यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिलाओं को सुने जाने और उनका समर्थन किए जाने की आवश्यकता है लेकिन पुरुषों को भी यह मौका मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब ऐसे आरोप लगते हैं तो ठोस सबूत की आवश्यकता होती है और आरोप लगाने वालों को सबूत दिखाने चाहिए। इस दौरान उनसे पूछा गया था कि क्या वह ‘मी टू अभियान’ का समर्थन करती हैं? मेलानिया ने कहा, ‘मैं उन महिलाओं का समर्थन करती हूं और उन्हें सुना जाना आवश्यक है। हमें उनका समर्थन करना चाहिए। सिर्फ महिलाओं को ही नहीं पुरुषों को भी यह मौका मिलना चाहिए।’
ट्रंप ने एक रैली के दौरान ‘‘द गर्ल दैट गॉट अवे’’ मुहावरे की ओर इशारा करते हुए कहा, एक उक्ति है, लेकिन ‘मी टू’ के नियमों के तहत मुझे अब उस मुहावरे का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है। मैं ऐसा नहीं कर सकता।‘‘द गर्ल दैट गॉट अवे’’ मुहावरे का प्रयोग ऐसे व्यक्ति के लिए होता है जिसने कभी आपसे प्रेम किया था और फिर आपको छोड़कर चला गया। लेकिन आप अभी तक उस व्यक्ति से प्रेम करते हैं और उसे याद करते हैं। मीडिया की ओर इशारा करते हुए ट्रंप ने कहा कि मीडिया को छोड़कर बाकी सबके लिये वह ‘पुराने और वास्तविक’ मुहावरे का ही प्रयोग करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘वहां जो लोग मौजूद हैं उन्हें छोड़कर शेष के लिये मैं इसका ही इस्तेमाल करूंगा। वे लोग कहेंगे, सुना आपने राष्ट्रपति ट्रंप ने क्या कहा? आपने सुना कि उन्होंने क्या कहा?’’
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