
इस्लामाबादः आतंकवाद की शरणस्थली पाकिस्तान को नीदरलैंड्स ने जोरदार झटका दिया है। इस यूरोपीय देश ने पाकिस्तान स्थित अपने दूतावास से वीजा देने और पासपोर्ट सर्विस से जुड़े कार्य अस्थाई रूप से बंद कर दिए हैं। लेकिन नीदरलैंड्स ने इस्लामाबाद स्थित अपने दूतावास को बंद करने की चर्चा को खारिज कर दिया है। ईशनिंदा मामले में ईसाई महिला आसिया बीबी की पैरवी करने वाले वकील को शरण देने के कारण नीदरलैंड्स पाकिस्तानी कट्टरपंथियों के निशाने पर आ गया है।
निचली अदालत से 8 साल पहले मौत की सजा पाई आसिया को 31 अक्तूबर को सुप्रीम कोर्ट ने दोषमुक्त कर दिया था। इस फैसले से पाकिस्तान में कट्टरपंथी उबल पड़े हैं। उन्होंने देश के प्रमुख शहरों की सड़कें जाम कर फैसला सुनाने वाले सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की हत्या करने तक की धमकी दी है। आसिया बीबी के मामले की सुप्रीम कोर्ट में पैरवी करने वाले वकील सैफुल मुलुक फैसला आने के बाद नीदरलैंड्स चले गए थे। वहां उन्होंने अपने और परिवार की जान को खतरा बताया था। बीते गुरुवार को नीदरलैंड्स सरकार ने मुलुक को अस्थायी शरण देने की बात कही है।
डच सरकार ने बयान जारी कर कहा है कि पाकिस्तान स्थित दूतावास की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और वहां से जारी होने वाले वीजा और अन्य सुविधाओं को फिलहाल रोक दिया गया है। पाकिस्तान के जो हालात हैं, वे हमारे नियंत्रण से बाहर हैं। इसलिए अस्थायी तौर पर यह निर्णय लिया गया है। पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार डच दूतावास को धमकियों के चलते अघोषित रूप से बंद कर दिया गया है। लेकिन नीदरलैंड्स के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ऐसा कोई फैसला फिलहाल नहीं किया गया है। लेकिन दूतावास और वहां काम करने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता है। इस बाबत पाकिस्तान सरकार से बात की जा रही है।
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