
चीन ने अतिरिक्त शुल्क लागू करने के अमेरिका के फैसले के खिलाफ सोमवार को कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि धमकियों और डराने से कोई परिणाम नहीं निकलेगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने बताया कि अगर हाल ही के घटनाक्रम के मद्देनजर अमेरिकी कंपनियां चीन से वापसी कर लेती हैं तो दूसरी अन्य कंपनियां इस रिक्तता को भर लेंगी। उन्होंने कहा कि हाल के घटनाक्रम से अमेरिका की तरफ से जो प्रतिक्रियाएं आ रही हैं वे सब राजनीतिक नारेबाजी है।
गुआंग ने कहा कि अमेरिका का यह फैसला बाजार अर्थव्यवस्था के नियमों के खिलाफ है और इसका विरोध अमेरिकी कंपनियों समेत सभी पक्षों की ओर से किया जाएगा। धमकी और डराने वाली नीतियां चीन के साथ काम नहीं करेंगी तथा आवश्कयता पड़ने पर चीन भी अपने वैधानिक हितों की रक्षा के लिए उपयुक्त कदम उठाएगा। चीनी विदेश मंत्रालय सोमवार को भारत से आए पत्रकारों के दल को संबोधित कर रहा था। इस टूर का आयोजन नई दिल्ली में चीनी दूतावास तथा विदेश मंत्रालय की ओर से किया गया है।
इस दौरान पत्रकारों को जल संसाधन, बांध निर्माण और भारत तथा चीन एवं चीन और नेपाल के बीच पानी से जुडे संबंधों पर अवगत कराया गया। प्रवक्ता ने कहा कि पिछले 40 वर्षों में अमेरिका और चीन के संबंधों में काफी मजबूती आ चुकी है और अब अमेरिका का एक एकतरफा फैसला सकारात्मक नहीं है।
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