
ब्रिटेन की विपक्षी लेबर पार्टी द्वारा कश्मीर पर की गई बेतुकी मांग पर भारत ने नाराजगी जताई। विपक्षी लेबर पार्टी ने बुधवार को एक आपात प्रस्ताव पारित कर पार्टी के नेता जेरेमी कोर्बिन से अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों को कश्मीर में जाने और उसके लोगों के आत्म निर्णय के अधिकार की मांग करने के लिए कहा। जिस पर भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों ने इसकी आलोचना की और करार जवाब देते हुए इसे ‘गलत विचार पर आधारित’ और ‘भ्रामक जानकारी’ बताया।
इस बीच, भारत ने कश्मीर मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग करने वाली ब्रिटेन की लेबर पार्टी के प्रस्ताव की आलोचना की है.। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने लेबर पार्टी के कदम को ‘वोट बैंक हितों को साधने’ वाला बताया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर लेबर पार्टी या उसके प्रतिनिधियों से बातचीत करने का कोई सवाल नहीं है। कश्मीर पर ब्रिटिश सरकार के आधिकारिक रुख के विपरीत विपक्ष ने यह प्रस्ताव पेश किया है।
ब्रिटिश सरकार का रुख रहा है कि कश्मीर भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय मुद्दा है। उधर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को भारत और पाकिस्तान के बीच किसी तरह की मध्यस्थता से दूरी बनाते हुए कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके पाकिस्तानी समकक्ष इमरान खान कश्मीर पर कोई हल निकाल सकें तो यह अच्छा होगा। ट्रंप ने यह बात बुधवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र के इतर मोदी से मुलाकात के दौरान कही।
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