
कश्मीर मुद्दे को लेकर दुनिया के कई देशों सामने गिड़गिड़ा चुके पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपनी हार स्वीकार करते हुए कहा है कि उसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर तवज्जो नहीं मिल रही है। पाक पीएम ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय कभी कश्मीर का जरूर संज्ञान लेगा।अपने अमेरिका दौरे के दौरान इमरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कूटनीति के सामने मजबूर नजर आए और उन्होंने कहा कि पिछले 6 साल में भारत काफी बदला है और उन्हें डर है कि वह और ज्यादा तेजी से बदलने जा रहा है।
इसके साथ ही इमरान ने साफ किया कि वह पीएम नरेंद्र मोदी से कोई मुलाकात नहीं करने वाले हैं। एक इंटरव्यू में इमरान ने कहा, ‘कश्मीर में मोदी ने जो किया है उसके बाद मेरा उनसे मुलाकात करने का कोई सवाल ही नहीं।’ वहीं, भारत ने कहा है कि पाकिस्तान के साथ तब तक वार्ता शुरू करने का सवाल ही नहीं है जबतक वह सीमापार आतंकवाद को रोकने के लिए ठोस कदम नही उठाता। यह पूछे जाने पर कि उन्हें क्यों लगता है कि कश्मीर को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई हो-हल्ला नहीं है, खान ने कहा कि दुनिया भर के नेता भारत को एक अरब से ज्यादा लोगों वाले बाजार के तौर पर देख रहे हैं।
खान ने कहा, ‘बहुत से नेताओं को इसका एहसास नहीं है। लेकिन मेरा विचार है कि जिन्हें यह एहसास है, वे भी भारत को 1.2 अरब लोगों के बाजार के तौर पर देखते हैं। और यह दुखद बात है।’ इमरान खान ने कहा कि उन्होंने दुनिया के प्रमुख नेताओं को न्यू यॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के वार्षिक सत्र में हिस्सा लेने के दौरान कश्मीर की स्थिति से अवगत कराया। एक सवाल के जवाब में खान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कश्मीर पर कोई अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता नहीं चाहते। उन्होंने कहा, ‘वह कहते रहे हैं कि यह द्विपक्षीय संबंध हैं। जब हम उनसे बात करने की कोशिश करते हैं तो वह कहते हैं कि यह एकपक्षीय मुद्दा है। इसलिए हम कुछ हासिल नहीं कर रहे क्योंकि हम घूम फिर कर वहीं हैं।’
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