
चीन ने अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के शिंजियांग से संबंधित विधेयक पारित करने पर कड़ी आपत्ति जताई है और इसके लिए उसकी निंदा की है। शिंजियांग ऑटोनॉमस रीजन पीपुल्स कांग्रेस की स्थायी समिति ने बयान जारी कर कहा है कि अमेरिकी प्रतिनिधि सभा द्वारा पारित कथित ‘उइगर मानवाधिकार नीति विधेयक 2019′ शिनजियांग की स्थिरता और विकास को कमजोर करने की कोशिश है। वास्तविकता तो यह है कि इस क्षेत्र में सभी समुदाय के लोग रहते हैं और सामंजस्य तथा संतोष के साथ काम करते हैं।
बता दें कि चीन में लाखों उइगर मुसलमान हर दिन शोषण और अत्याचार का शिकार हो रहे हैं। इस बात की पोल हाल ही में लीक हुए चीन सरकार के कुछ अहम दस्तावेजों के जरिए खुली है। इस रिपोर्ट के मुताबिक मुस्लिम बहुल पश्चिमी शिंजियांग प्रांत के करीब 10 लाख उइगर मुसलमानों को सरकार द्वारा नजरबंद रखा गया है। वहीं इन दस्तावेजों में उन पर बिलकुल भी रहम ना दिखाने के दिए गए आदेश भी दर्ज हैं। अमेरिका के न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक यह दस्तावेज चीन के ही एक नेता द्वारा लीक किए गए हैं।
जानकारी के अनुसार साल 2009 में शिंजियांग प्रांत में उइगर मुसलमानों और चीनियों के बीच दंगे भड़क गए थे। इसी के बाद से चीनी सरकार ने कथित आतंकवाद के खिलाफ विरोधी अभियान की नींव रखी थी। साल 2014 में शिंजियांग के ही एक ट्रेन स्टेशन पर उइगर उग्रवादियों द्वारा यात्रियों पर चाकू से हमला किया था, इसमें 31 लोगों की मौत हुई थी। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इस क्षेत्र का दौरा भी किया था। इसी के बाद से उइगर मुसलमानों के दमन की प्रकिया शुरू कर दी गई थी।
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