
उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन के कारनामे पूरी दुनिया को चौंकाने वाले होते हैं। लंबी खामोशी के बाद वह एक बार फिर जिस तरीके से सामने आए वह काफी दिलचस्प है। खबर है कि किम जोंग ने अपने दिवंगत पिता के जन्मस्थान और कोरियाई प्रायद्वीप की सबसे ऊंची चोटी के तौर पर लोकप्रिय माउंट पाएकडू की चढ़ाई एक सफेद घोड़े से की। हालांकि अक्टूबर के बाद पर्वतों की उनकी यह यात्रा थोड़ी अलग थी।
किम अपनी पत्नी री सोल जू और सहयोगियों के साथ माउंट पाएक्टू पर दौरे के लिए पहुंचे। इससे पहले मंगलवार को उन्होंने उत्तर कोरिया के नए शहर समजियोन (Samjiyon) का शुभारंभ किया था। माना जाता है कि चीन सीमा से लगे इस पहाड़ पर किम तभी जाते हैं जब जब उन्हें कोई बड़ा फैसला लेना होता है। खबरों के अनुसार, माउंट पाएकडू के साथ ही किम जोंग उन ‘क्रांतिकारी युद्ध स्थलों’ पर भी गए। ये स्थान किम जोंग उन के दादा और पिता के साथ भी जुड़ा है, किम जोंग उन के दादा, किम इल-सुंग ने जापान से स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ी थी।
पहाड़ों की यात्रा के बाद उत्तर कोरिया के आधिकारिक समाचार पत्र रोडोंग सिनमुन ने ऊंचे पदों पर आसीन अधिकारियों के नाम पर लिखे गए कई कॉलम प्रकाशित किए थे। वाइस प्रीमियर किम टोक हुन ने अपने कॉलम में लिखा कि जब तक हमारे पास माउंट पाएकडू की क्रांतिकारी भावना है, आत्मनिर्भरता की क्रांतिकारी भावना है, हम अपने दम पर जिंदा रह सकते हैं और अपनी खुद की समृद्धि और विकास के लिए अपने तरीके से द्वार खोल सकते हैं.।
बता दें कि तानाशाह का यह नया शहर आधुनिक सुख सुविधाओं से लैस बताया जा रहा है। इस शहर में काफी बर्फबारी होती है और यह किम के परिवार में जिस माउंट पिकातू को पवित्र पर्वत का दर्जा प्राप्त है उसके काफी निकट भी है। इस शहर की खासियत है कि यह पूरी तरह से आधुनिक सुख-सुविधाओं से लैस है और चीन के काफी करीब है।
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