
ब्रिटेन की शीर्ष राजनयिक का कहना है कि यूक्रेन का समर्थन करने वाले देशों को लंबे समय तक चलने वाले युद्ध के लिए तैयार होना चाहिए। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से संघर्ष विराम या फिर तुष्टिकरण की कोई बात नहीं होनी चाहिए। विदेश मंत्री लिज ट्रस ने शुक्रवार को प्राग में अपने चेक गणराज्य के समकक्ष से मुलाकात के बाद ये बातें कही हैं।
ब्रिटेन की विदेश मंत्री लिज ट्रस ने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि यूक्रेन जीत जाए और रूस पीछे हट जाए। हम इस प्रकार की रूसी आक्रामकता फिर कभी न देखें। उन्होंने कहा, ‘संघर्ष विराम, या पुतिन के तुष्टिकरण की कोई बात नहीं होनी चाहिए।’
ट्रस का कहना है कि यूक्रेन को और अधिक भारी हथियार दिए जाने और धीरे-धीरे उन्हें ‘नाटो-मानक के उपकरण’ प्राप्त करने के लिए उन्नत बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, ‘फिलहाल, वे बहुत सारे पूर्व-सोवियत उपकरण का उपयोग कर रहे हैं। हमें यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि वे भविष्य में अपना बचाव करने में सक्षम हों।’
वहीं यूक्रेन में रूस की सेना भीषण तबाही मचा चुकी है। दुनिया ने एक ऐसा युद्ध देखा है जिसे कई पीढ़ियों तक याद रखा जाएगा। लेकिन रूस के एक विश्लेषक ने पिछले दिनों इसे एक बड़े विश्व युद्ध की सिर्फ ‘रिहर्सल’ करार दिया। रूस के सरकारी टीवी चैनल पर इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल सिक्योरिटी स्टडीज में रिसर्च फेलो प्रोफेसर एलेक्सी फेनेंको ने कहा कि अगला संघर्ष नाटो के खिलाफ हो सकता है। यूक्रेन में अपनी बर्बर कार्रवाई को अभी तक क्रेमलिन ने ‘युद्ध’ करार नहीं दिया है बल्कि इसके लिए वह ‘स्पेशल मिलिट्री ऑपरेशन’ शब्द का इस्तेमाल कर रहा।
IndianZ Xpress NZ's first and only Hindi news website