
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन युद्ध को लेकर अपने प्लान का खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि रूस का यूक्रेन को नष्ट करने का कोई इरादा नहीं था। अब रूसी सेना को यूक्रेनी सेना के बुनियादी ढांचे के खिलाफ हमलों की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन के अधिकतर सैन्य ठिकानों को तबाह किया जा चुका है। पुतिन ने बताया कि वह बातचीत को तैयार हैं, लेकिन यूक्रेन ही शांति नहीं चाहता है। पुतिन ने कहा कि भारत और चीन हमेशा एक संवाद स्थापित करने और शांति से सब कुछ हल करने की आवश्यकता के बारे में बात करते हैं। हम उनकी स्थिति और रुख जानते हैं। वे हमारे करीबी सहयोगी और साझेदार हैं और हम उनकी स्थिति का सम्मान करते हैं। पुतिन ने अपने संबोधन में जर्मनी की विदेश नीति की भी जमकर आलोचना की। उन्होंने नॉर्ड स्ट्रीम 1 और नॉर्ड स्ट्रीम 2 गैस पाइपलाइन में हुए विस्फोट को लेकर भी जर्मनी को जिम्मेदार ठहराया। पुतिन ने कहा कि जर्मन अधिकारियों ने जर्मन नागरिकों की भलाई के बजाय नाटो संबंधों को प्राथमिकता देकर एक बड़ी गलती की।
यूक्रेन को तबाह करने का रूस का इरादा नहीं : पुतिन ने शुक्रवार को कजाकिस्तान की अपनी यात्रा के बाद कहा कि रूस का यूक्रेन को नष्ट करने का कोई इरादा नहीं था। अब रूसी सेना को यूक्रेनी सैन्य बुनियादी ढांचे के खिलाफ हमलों की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि जहां तक मुझे पता है, यूक्रेनी सेना के 29 सैन्य ठिकानों में से सात रूसी रक्षा मंत्रालय की योजना के अनुसार हिट नहीं हुए थे। लेकिन, अब इन ठिकानों को धीरे-धीरे नष्ट किया जा रहा है। कम से कम अभी के लिए बड़े पैमाने पर किसी स्ट्राइक की कोई आवश्यक्ता नहीं है। हम बाद में देखेंगे और समझेंगे कि क्या करना है।
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