
पाकिस्तान की संसद ने गुरुवार को नियमों में संशोधन करके किसी भी सांसद की गिरफ्तारी से पहले स्पीकर की मंजूरी को अनिवार्य कर दिया है। संसद के निचले सदन, नेशनल एसेम्बली ने ‘नियमों एवं कामकाज की नियमावली, 2007’ में संशोधन को मंजूरी दी। नेशनल एसेम्बली ने ट्विटर पर अपना एजेंडा साझा करते हुए लिखा कि नियम 103 के तहत पहले सांसद की गिरफ्तारी के तत्काल बाद उसकी सूचना स्पीकर को देनी होती थी, लेकिन अब उसके स्थान पर पहले मंजूरी लेना जरूरी होगा।
अब गिरफ्तारी से पहले स्पीकर की मंजूरी अनिवार्य हुई : नये प्रस्ताव में किसी भी सांसद की आपराधिक मामले में गिरफ्तारी से पहले स्पीकर की अनुमति लेना अनिवार्य होगा और स्पीकर को सूचित करना होगा कि उक्त सांसद पर क्या आरोप हैं और उन्हें क्यों गिरफ्तार किया जा रहा है। वहीं, नियम 106 में संशोधन के बाद प्रस्ताव रखा गया है कि ‘‘किसी भी सदस्य को संसद/विधानसभा भवन परिसर से गिरफ्तार नहीं किया जाएगा।
नवाज शरीफ की पार्टी ने पेश किया था प्रस्ताव : डॉन अखबार की खबर के अनुसार, पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज के सांसद मुर्तजा अब्बासी ने संशोधन प्रस्ताव सदन में पेश किया था। वहीं, रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने प्रस्ताव रखा कि संशोधन करके यह स्पीकर या समिति के चेयरमैन (अध्यक्ष/सभापति) के लिए अनिवार्य किया जाना चाहिए कि वे हिरासत में लिए गए या गिरफ्तार किए गए सांसद के लिए पेशी आदेश जारी करें। डॉन के अनुसार, नेशनल एसेम्बली में तीनों संशोधन पारित हो गए।
आर्मी के खिलाफ ट्वीट पर सांसद की गिरफ्तारी पर बवाल : चंद दिनों पहले ही सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के खिलाफ ट्वीट के आरोप में इमरान खान की पार्टी के एक सांसद को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद पीटीआई सांसद आजम स्वाति के कपड़े उतारकर पिटाई की गई। कोर्ट में पेशी के दौरान गिरफ्तार सांसद ने पुलिस पर ज्यादती करने और मारपीट करने का आरोप लगाया था।
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