
वर्ल्ड कप 2023 का काउंटडाउन शुरू हो चुका है, लेकिन लगता है कि भारतीय टीम चार साल में एकबार आने वाले 50 ओवर के इस टूर्नामेंट को हल्के में लेने की भूल कर चुकी है। कम से कम उसकी तैयारियां देखकर तो यही लग रहा है। कोई भी समझदार टीम जिसे वर्ल्ड कप से पहले अब सिर्फ 8-10 मैच और खेलने हो वो कैसे खुद को प्रयोगशाला बना सकती है। ये वक्त खिलाड़ी आजमाने का नहीं बल्कि सेट प्लेइंग इलेवन को एक-साथ मैच प्रैक्टिस देने का है। शायद तभी वेस्टइंडीज दौरे पर तीन मैच की वनडे सीरीज भी रखी गई थी, लेकिन इसका दूसरा मुकाबला इसी ओवरकॉन्फिडेंस की भेंट चढ़ गया। वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई तक न कर पाई वेस्टइंडीज ने रोहित-विराट के बिना उतरे भारतीय बैटिंग अटैक को ताश के पत्तों की तरह ढहा दिया और फिर गेंदबाजों की भी पोल खुल गई। भारत पिछले 10 वनडे के बाद पहली बार वेस्टइंडीज से हारा है। चलिए समझते हैं इस हार के तीन बड़े कारण क्या रहे?
1. प्लानिंग रही फेल – वेस्टइंडीज के हाथों मिली पांच विकेट की करारी हार की पहली और सबसे बड़ी वजह रही उसके प्रयोगों का फ्लॉप होना। इस मैच में टीम मैनेजमेंट ने जमकर प्रयोग किए, जैसे रोहित को बिठाकर हार्दिक पंड्या से कप्तानी करवाना। अनुभवी बैटर विराट कोहली को आराम देकर प्लेइंग इलेवन में युवाओं को आजमाना। टॉस हारने के बाद पहले बैटिंग करते हुए बैटिंग लाइनअप भी अटपटा-सा नजर आया। चौथे नंबर पर ऑलराउंडर अक्षर पटेल को भेजने का कोई तुक समझ नहीं आया। कप्तान पंड्या खुद पाचवें नंबर पर आए तो सूर्यकुमार छठे नंबर पर भेजे गए। टीम में एक्सप्रेस पेसर होने के बावजूद हार्दिक नई गेंद से पहला ओवर फेंकते दिखे। उमरान मलिक को सिर्फ तीन ओवर ही दिए गए। स्पिनर्स को भी काफी देरी से मौका दिया गया।
2. रोहित-कोहली के बिना बैटिंग फ्लॉप – इस मैच में भारतीय टीम अपने दो सबसे बड़े अनुभवी बल्लेबाज कप्तान रोहित शर्मा और विराट कोहली के बिना उतरी थी। ईशान किशन और शुभमन गिल की लेफ्ट-राइट वाली ओपनिंग जोड़ी ने शुरुआत तो अच्छी दी। दोनों के बीच 90 रन की बढ़िया साझेदारी हुई, लेकिन अगले 91 रन बनाने में पूरी टीम आउट हो गई। दौरे का पहला मैच खेल रहे संजू सैमसन (9), अक्षर पटेल (1) और कप्तान पंड्या (7) विकेट पर तो विकेट भी नहीं पाए। जडेजा भी 10 रन ही बना सके। कोई भी बल्लेबाज वो कोहली जैसा एंकर रोल नहीं निभा पाया, जो विकेट गिरने पर दूसरा छोर संभालकर रखे।
3. अनुभवहीन गेंदबाजी भी फ्लॉप – बल्लेबाजों के 181 रन पर ढेर हो जाने के बाद अब जिम्मेदारी गैर अनुभवी, लेकिन युवा गेंदबाजों पर थी। मगर आईपीएल के सूरमा बोलर्स से भरी टीम कहीं से भी इंटरनेशनल लेवल का खेल नहीं दिखा पाई। छोटे लक्ष्य का पीछा करने उतरी विंडीज को बीच में कुछ झटके जरूर लगे, लेकिन कप्तान शाई होप (80 गेंदों में दो चौके और एक छक्का के दम पर नाबाद 63 रन) ने केसी कार्टी (65 गेंदों में 4 चौके के दम पर नाबाद 48) के साथ मिलकर टीम को छह विकेट से जीत दिला दी। शार्दुल ठाकर को तीन तो कुलदीप यादव को एक विकेट मिला, इसके अलावा हार्दिक पंड्या, मुकेश कुमार, उमरान मलिक, रविंद्र जडेजा और अक्षर पटेल एक-एक विकेट के लिए तरसते रहे।
IndianZ Xpress NZ's first and only Hindi news website