
ताइवान की यात्रा पर आए एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर चीन ने इस द्वीप पर हमले की कोशिश की तो अमेरिका इसके जवाब में कड़ी कार्रवाई करेगा। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की सशस्त्र बल सेवा संबंधी समिति के उपाध्यक्ष रॉब विटमैन ने ताइवानी राष्ट्रपति त्साई इंग-वेन के साथ बैठक से पहले अपने एक भाषण में कहा, ‘‘ (मैं) जानता हूं कि ताइवान पर बिना उकसावे की कोई भी शत्रुतापूर्ण हमला होने पर अमेरिका ठोस प्रतिक्रिया देगा।”
अमेरिकी कानून के मुताबिक अमेरिका ताइवान को अपने ऊपर सभी खतरों को ‘गंभीर चिंता’ के विषय के रूप में लेने तथा अपना बचाव करने में सभी सुविधाएं प्रदान करेगा लेकिन उस कानून में इस बात पर अस्पष्टता है कि चीन के हमला कर देने स्थिति में वह ताइवान को सैन्यबल उपलब्ध करायेगा या नहीं। वर्जीनिया के विटमैन फ्लोरिडा के कार्लोस गीमेनेज और वर्जीनिया के जेन किग्गांस के साथ बृहस्पतिवार को तीन दिवसीय यात्रा पर ताइवान पहुंचे थे। ये तीनों रिपब्लिकन सांसद त्साई और ताइवान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख वेल्लिंगटन कू के साथ भेंटवार्ता करेंगे। ताइवान एक स्वशासित द्वीप है जिसपर चीन अपना दावा करता है।
ताइवान पर हाल के वर्षों में चीन की सैन्य छेडछाड़ बढ़ गयी है। चीन के जंगी विमान और नौसेनिक जहाज रोजाना अभ्यास करते हैं और कभी-कभी द्वीप के बिल्कुल करीब पहुंच जाते हैं। पिछले कुछ सालों में अपनी सुरक्षा बढ़ाने के लिए ताइवान ने अमेरिका से 19 अरब डॉलर का सैन्य उपकरण खरीदे हैं लेकिन उनमें से अधिकतर की आपूर्ति नहीं हुई है। विटमैन ने कहा, ‘‘ यह पक्का करना हमारा दायित्व है कि दोनों देशों के बीच जो विदेशी सैन्य बिक्री का पिछला बकाया है, उसका शीघ्र समाधान करें।”
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