
पूर्वी ऑस्ट्रेलिया में सूखा प्रभावित बड़ी नदियों के किनारों पर लाखों मृत मछलियां मिलने कारण पर्यावरण संतुलन खतरे में हैं। अधिकारियों ने सोमवार को आगाह किया है कि इन मृत मछलियों की संख्या और बढ़ सकती है। मुर्रे-डार्लिंग नदियों के किनारे सड़ी मछलियों से पटे हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि लाखों की तादाद में मरी मछलियों की संख्या बढ़कर 10 लाख के करीब पहुंच सकती है।
न्यू साउथ वेल्स सरकार ने चेताया कि इस हफ्ते तापमान और बढ़ने से स्थिति बदतर हो सकती है। आशंका है कि पानी की कमी और उसका ताप बढ़ने के चलते शैवाल की संख्या बढ़ जाने से मछलियों को ऑक्सीजन मिलना बंद हो गया और विषैले तत्व पैदा होने शुरू हो गए। राज्य मंत्री निआल ब्लेयर ने कहा कि इस हफ्ते और मछलियों के मरने की आशंका है।
मछलियों की मौत एक राष्ट्रीय मुद्दा बन गया है और इसके पीछे के कारणों के बारे में एवं एक दूसरे को जिम्मेदार ठहराने का सिलसिला शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरीसन ने सोमवार को कहा, ‘यह विनाशकारी पारिस्थितिकी घटना है।’ ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी के जल अर्थव्यवस्था के विशेषज्ञ जॉन विलियम्स ने कहा कि मछलियां एवं नदियां सूखे के कारण नहीं मर रही हैं बल्कि ऐसा इसलिए हो रहा है कि हम अपनी नदियों से बहुत अधिक पानी निकाल रहे हैं।
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